असम में आतंकवाद बना प्रमुख चुनावी मुद्दा
गुवाहाटी, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। असम में जहां विभिन्न राजनीतिक दल चुनाव प्रचार में जुट गए हैं, वहीं राज्य के विभिन्न इलाकों में आतंकवादी हमले भी तेज हो गए हैं। इसी कारण चुनाव प्रचार में सभी दल आतंकवाद के मसले को प्रमुखता से उठा रहे हैं।
असम के विभिन्न इलाकों में सोमवार को चार शक्तिशाली बम विस्फोटों और तीन ग्रेनेड हमलों में आठ लोग मारे गए, जिसमें दो धमाके गुवाहाटी में हुए थे। इन हमलों में 100 से अधिक लोग घायल हो गए।
गुवाहाटी विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान के शिक्षक अखिल रंजन दत्ता ने आईएएनएस से कहा कि आतंकवादी हमलों का असर मतदान पर देखा जा सकता है।
असम की प्रमुख साप्ताहिक समाचार पत्र 'असम बानी' के संपादक दिलीप चंदन ने कहा, "लोगों में भय व्याप्त है। स्थिति और भी गंभीर बनती जा रही है, जब राजनीतिक दल आतंकवादी हमलों से भी लाभ प्राप्त करने की कोशिश में जुट गए हैं।"
चुनाव प्रचारों में आतंकवादी हमलों से संबंधित मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। राज्य की मुख्य विपक्षी असम गण परिषद (अगप) के अध्यक्ष चंद्रमोहन पटवारी ने कहा, "सरकार को सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। राज्य में सुरक्षा व्यवस्था ठीक नहीं है।"
दूसरी ओर राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आतंकवाद के मुद्दों का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषक जतिन बोरगोहेन ने कहा, "आतंकवाद के खिलाफ सभी दलों और समाज के सभी वर्गो के लोगों को एक साथ खड़ा होना चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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