ठाकरे परिवार की बहू चुनावी राजनीति में

एक उत्तर भारतीय पंजाबी परिवार में जन्मी शालिनी का कहना है कि उनकी पार्टी उत्तर भारतीयों के खिलाफ नहीं है। एमएनएस की गलत छवि बनाई गई है। उन्होंने कहा कि पार्टी मुंबई और महाराष्ट्र में हर कहीं अनियंत्रित रूप से लोगों के आने की विरोधी है। एमएनएस किसी समूह, समुदाय,जाति या धर्म के खिलाफ नहीं वरन लोगों के अनियंत्रित आगमन के विरोध में है।
महिला मुद्दे
मैसाचुसेट्स से मार्केटिंग में प्रबंधन की डिग्रीधारी शालिनी ने कहा कि सांसद निर्वाचित होने के बाद वह इस मुद्दे को सुलझाने का प्रयास करेंगी। शालिनी के प्रचार अभियान में महिलाओं का मुद्दा भी काफी प्रमुख है। वह महसूस करती हैं कि महिलाओं के लिए शिक्षा,स्वास्थ्य और वित्तीय मोर्चो पर काफी कुछ किया जाना बाकी है।
शालिनी ठाकरे अपने खिलाफ उम्मीदवार बने शिवसेना के गजानन कृतिकर,कांग्रेस के गुरुदास कामत, समाजवादी पार्टी के अबू आसिम आजमी और अन्य से अप्रभावित हैं। शालिनी का परिवार विभाजन के बाद पाकिस्तान से उत्तर प्रदेश के बरेली में आकर रहने लगा और वहीं उनका जन्म हुआ। उनक दादा भगत राम तलवार सुभाष चंद्र बोस के विश्वसनीय लोगों में से थे।
उनका विवाह पूर्व रणजी खिलाड़ी जितेंद्र ठाकरे से हुआ जिनके दादा दामोदर बाल ठाकरे के चाचा थे। एमएनएस में शामिल होने से पहले वह अपने पैतृक व्यवसाय का संचालन करती थीं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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