चीन ने दो तिब्बतियों को मौत की सज़ा दी

चीन सरकार का कहना है कि उस दौरान कम से कम 20 लोग मारे गए थे जबकि निर्वासन में रहने वाले तिब्बतियों के मुताबिक ये आँकड़ा 200 से ज़्यादा है.
हिंसा के दौरान सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था और उनमें से कई लोगों को जेल की सज़ा हो चुकी है.
लहासा म्यूंसिपल इंटरमीडियेट पीपल्स कोर्ट ने तीन अन्य लोगों को भी सजा़ सुनाई. एक को उम्र क़ैद की सज़ा दी गई है. चीन के सरकारी मीडिया के मुताबिक जिन लोगों को मौत की सज़ा सुनाई गई है उन्होंने लहासा में दुकानों में आग लगाने में भूमिका निभाई जिस कारण सात लोगों की मौत हो गई.
यहाँ तक तो स्पष्ट है कि तिब्बती लोगों ने चीनी नागरिकों और दुकानों पर हमला किया लेकिन इसके बाद क्या हुआ वो स्पष्ट नहीं है.
चीन सरकार का कहना है कि हिंसा पर उतारू भीड़ ने 19 लोगों को मार दिया लेकिन निर्वासन में रहने वाली तिब्बती सरकार का कहना है कि चीनी सैनिकों ने 200 से ज्यादा तिब्बती लोगों को मार दिया.
चीन का दावा है कि इन प्रदर्शनों का मकसद तिब्बत में चीनी शासन को ख़त्म करना और बीजिंग ओलंपिक में बाधा डालना था.
1951 के बाद से तिब्बत पर चीन का शासन है.


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