बांग्लादेश में शुरू होगी 1971 के युद्ध की जाँच

बांग्लादेश सरकार जल्द ही 1971 की लड़ाई के युद्ध अपराधियों के ख़िलाफ़ जाँच का काम शुरू करने जा रही है. जमाते इस्लामी ने इसका विरोध किया है. जाँच होनी है युद्ध के दौरान हुए युद्ध अपराधों की. यह युद्ध है 1971 का जब बांग्लादेश अपनी आज़ादी की लड़ाई लड़ रहा था.
सरकार का कहना है कि ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ मुक़दमे चलाए जाएंगे जिन्होंने उस वक़्त पाकिस्तानी सेना का हज़ारों नागरिकों को मारने और बलात्कार में साथ दिया था. बांग्लादेश की सरकार की ओर से यह फ़ैसला ऐसे समय में लिया जा रहा है जब देश में अवामी लीग की सरकार है.
अवामी लीग वही पार्टी है जिसने 1971 में बांग्लादेश की आज़ादी की लड़ाई का नेतृत्व किया था. पर सरकार की ओर से इस प्रस्तावित जाँच का विरोध भी शुरू हो गया है. देश की प्रमुख विपक्षी पार्टियों में से एक, जमाते इस्लामी ने इसका विरोध किया है.
विरोध भी
बताया जाता है कि जमाते इस्लामी के कुछ नेताओं का नाम कथित रूप से 1971 में हुए युद्ध अपराधों से जोड़ा जाता रहा है. जमाते इस्लामी के बारे में यह भी कहा जाता है कि उन्होंने बांग्लादेश के निर्माण का विरोध किया था.बांग्लादेश सरकार ने बताया है कि इस मामले में अभियोजन पक्ष की टीम गठित की जा चुकी है. इसी के साथ सैकड़ों दोषी लोगों के ख़िलाफ़ मुक़दमे चलाने की शुरुआत हो चुकी है.
सरकार का कहना है कि जिन लोगों के ख़िलाफ़ मुक़दमे चलाए जाएंगे उनमें 1971 की लड़ाई के दौरान युद्ध अपराध, मानवता के ख़िलाफ़ अपराध और नरसंहार जैसे मामलों में लिप्त लोग शामिल हैं. अब जबकि देश में हाल ही में संपन्न हुए आम चुनावों में अवामी लीग भारी बहुमत के साथ सत्ता में लौटी है, 1971 के युद्ध अपराधियों का मुद्दा भी राजनीतिक रूप ले चुका है.


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