भारत पर कोई दबाव नहीं, अलबत्ता उससे सलाह ली गई : हालब्रुक (राउंडअप)

नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका ने भारत को दक्षिण एशिया का एक महत्वपूर्ण नायक बताया है। अमेरिका ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर वह भारत पर कोई दबाव नहीं बना रहा है, बल्कि वह चाहता है कि भारत अफगानिस्तान में बड़ी भूमिका निभाए। अमेरिका ने यह भी कहा कि ओबामा की नई अफगान-पाक नीति पर भारत से सलाह भी लिया गया है।

विदेश सचिव शिवशंकर मेनन से वार्ता के बाद ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के प्रमुख माइक मुलेन के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के लिए अमेरिका के विशेष दूत रिचर्ड हॉलब्रुक ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की अमेरिका की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि वार्ता में भारत-पाक संबंधों का मामला नहीं उठाया गया।

हॉलब्रुक ने कहा, "हम यहां यह कहने नहीं आए हैं कि भारत सरकार कुछ करे। हम अफगान-पाक नीति के बारे में भारत सरकार को अवगत कराने और उस पर उसके साथ चर्चा करने आए हैं।" उन्होंने कहा, "क्षेत्र में भारत की एक महत्वपूर्ण भूमिका है। हमारी प्राथमिकताएं समान हैं लेकिन हमारे बीच कोई समन्वय नहीं है।"

हॉलब्रुक के अनुसार अफगानिस्तान की घटनाएं पाकिस्तान पर निर्भर हैं। वे आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं। एक साथ मिलकर काम करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से तीनों देशों (भारत, पाकिस्तान और अमेरिका) के हित में है।

मुलेन ने कहा कि भारत इस क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण नायक है। रचनात्मक और सकारात्मक मायनों में इसकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है।

मेनन से मुलाकात के बाद हॉलब्रुक और मुलेन ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम.के. नारायणन और प्रधानमंत्री के विशेष दूत एस.के.लाम्बा से भी मुलाकात की। मुलेन ने भारतीय चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष और नौसेना प्रमुख एडमिरल सुरीश मेहता से अलग से भेंट की और समुद्री सुरक्षा से जुड़े मामलों पर चर्चा की।

आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के संबंध में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की नई अफगान-पाक नीति पर सहमति हासिल करने के लिए हॉलब्रुक और मुलेन दक्षिण एशियाई क्षेत्र के अपने पांच दिनों के दौरे के अंतिम दिन भारत में थे। इससे पहले वे दोनों अफगानिस्तान और पाकिस्तान का दौरा कर चुके हैं।

हॉलब्रुक ने कहा कि आतंक के खिलाफ युद्ध के लिए ओबामा की नई अफगान-पाक नीति तैयार करते समय भारत से बराबर सलाह ली गई थी, और इस मुद्दे पर भारत से भविष्य में भी सलाह ली जाएगी।

हालब्रुक ने कहा, "हमने भारत सरकार के साथ बहुत गहन मशविरा किया।"

उन्होंने कहा कि जब अफगान-पाक नीति को अंतिम रूप दिया जा रहा था तो उस समय शिवशंकर मेनन ने अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन व अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेम्स एल.जॉन्स के साथ फोन पर बात की थी।

हॉलब्रुक ने कहा, "वाशिंगटन में किसी भी मामले में और किसी भी स्तर पर भारत के विचारों का स्वागत किया जाएगा।"

हॉलब्रुक ने पाकिस्तान के तालिबान नेता बैतुल्ला महसूद को एक 'खतरनाक आदमी' की संज्ञा देते हुए उसे पाकिस्तान और अफगानिस्तान के लिए भारी खतरा बताया लेकिन साथ ही कहा कि उसके पास अमेरिकी धरती पर हमला करने के संसाधन नहीं हैं।

हॉलब्रुक ने कहा, "बैतुल्ला महसूद एक खतरनाक इंसान है। वह अफगानिस्तान और पाकिस्तान के लिए बड़ा खतरा है। अमेरिका को खतरा पैदा करने की उसकी सामथ्र्य नहीं है लेकिन वह खतरनाक है।"

महसूद ने न्यूयार्क के इमिग्रेशन सेंटर पर तीन अप्रैल को हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी। इस घटना में एक 43 वर्षीय वियतनामी मूल के व्यक्ति ने गोलीबारी करके 13 लोगों को मार डाला था।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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