पंजाब में सिख प्रदर्शनकारियों के आंदोलन से कई ट्रेनें रद्द
अमृतसर से दरभंगा जाने वाली फ्लाइंग एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की ट्रेन निरस्त कर दी गई और अमृतसर-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस तथा दादर-अमृतसर एक्सप्रेस ट्रेनें देर से चलीं। ट्रेनों के परिचालन में आए व्यवधान के कारण कई स्थानों पर यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
प्राप्त खबरों के मुताबिक पंजाब पुलिस के जवान कई ऐसे स्थानों पर मूकदर्शक बने रहे और उन्होंने रेल की पटरियों से प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया।
दमदमी टकसाल, संत समाज और सिख स्टूडेंट फेडरेशन जैसे कट्टरपंथी सिख संगठनों ने रेल रोको आंदोलन का आह्वान किया था।
इसके एक दिन पहले दिल्ली में एक पत्रकार ने गृह मंत्री पी.चिदंबरम के ऊपर जूता फेंक कर इस मुद्दे पर अपना विरोध जताया था।
अमृतसर में रेल प्रशासन ने फ्लाइंग एक्सप्रेस को रोक दिया, क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने रेल की पटरियों को पूरी तरह जाम कर दिया था।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के पुलिस उपाधीक्षक दर्शन कुमार ने आईएएनएस को बताया, "सुबह से ही लगभग 50-60 प्रदर्शनकारी जमा हो गए थे। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने फ्लाइंग एक्सप्रेस को यहां रोक दिया।"
जालंधर में भी स्थिति कुछ वैसी ही रही। वहां अमृतसर-लुधियाना यात्री ट्रेन को दाकोहा गांव के पास प्रदर्शनकारियों ने रोक दिया।
आरपीएफ के एक अधिकारी के अनुसार जालंधर में प्रशासन ने जामनगर-जम्मू ट्रेन को चेहरू स्टेशन पर रोक दिया, ताकि यात्रियों को आगे कोई असुविधा न हो।
प्रदर्शनकारियों ने एक अन्य यात्री ट्रेन को फिरोजपुर शहर के पास रोक दिया। रेल रोको आंदोलन शाम चार बजे समाप्त हुआ।
इंडो-एशियन न्यूज संगठन।


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