राजनीतिक दलों के विज्ञापन से एफएम रेडियो के राजस्व बढ़ने के आसार
नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। निजी एफएम चैनलों की बढ़ती पहुंच के बीच पहली बार राजनीतिक दल अपने प्रचार अभियान के लिए इनका सहारा ले रहे हैं, जिससे रेडियो उद्योग को लगभग 8.3 अरब रुपये का राजस्व हासिल होने का अनुमान है।
रेडियो मिर्ची 98.3 एफएम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) प्रशांत पांडेय ने कहा, "इस बात में कोई शक नहीं है कि राजनीतिक विज्ञापनों से रेडियो उद्योग को 40-50 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल होगा।"
आम चुनाव के दौरान अधिकत्तर राजनीतिक दल देश भर में काम कर रहे 236 एफएम रेडियो स्टेशनों की मदद से करीब पांच करोड़ लोगों तक अपनी बात पहुंचाएंगे।
उल्लेखनीय है कि अब तक सिर्फ आकाशवाणी और 'ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कारपोरेशन' (बीबीसी) जैसे प्रसारक ही ऐसे अभियानों को जगह देते थे।
रेडियो सिटी 91.1 एफएम के कार्यकारी उपाध्यक्ष व राष्ट्रीय प्रमुख (बिक्री) अशित कुकियां ने कहा, "रेडियो पर विज्ञापन देने के इच्छुक राजनीतिक दलों की संख्या में इजाफा हो रहा है।"
वैश्विक सलाहकार कंपनी केपीएमजी और फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की एक रिपोर्ट के अनुसार देश में रेडियो उद्योग के 14.2 फीसदी प्रति वर्ष की दर से विकास करने और वर्ष 2013 तक 16.3 अरब रुपये का हो जाने की उम्मीद है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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