..जब उड़ीसा की सड़कों पर टहलने निकल पड़े राहुल
आश्चर्य की बात तो ये है कि स्थानीय पुलिस को जानकारी दिए बगैर ही राहुल बोलंगीर की सड़कों पर टहलने निकल पड़े। ज्ञात हो कि राहुल देश के उन चुनिंदा नेताओं में हैं जिनकी सुरक्षा का स्तर सबसे कड़ा है।
बोलंगीर के जिला पुलिस अधीक्षक संजीव अरोड़ा ने आईएएनएस से फोन पर बातचीत में कहा, "मंगलवार रात अचानक ही वे सड़क पर टहलने निकल पड़े। हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी।"
उन्होंने बताया कि उड़ीसा और छत्तीसगढ़ में कई चुनावी रैलियों को संबोधित करने के बाद राहुल शाम के वक्त तकरीबन 5.30 बजे बोलंगीर पहुंचे। वे अपने काफिले के साथ सीधे बोलंगीर के सरकारी गेस्ट हाउस पहुंचे जहां उनके रात के ठहरने की व्यवस्था थी।
अरोड़ा ने बताया, "रात के तकरीबन 10.30 बजे वे अचानक टहलने निकल पड़े। लगभग एक किलोमीटर तक टहलने के बाद वे वापस गेस्ट हाउस लौट आए।"
उन्होंने कहा, "हालांकि हमें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी लेकिन उनके साथ विशेष सुरक्षा दस्ते (एसपीजी) के जवान मौजूद थे।" राहुल जिस सड़क पर घूमने निकले थे वह बोलंगीर की व्यस्त सड़कों में शुमार है।
अधिकारियों के मुताबिक राहुल को सफेद कुर्ता पायजामे में अपने शहर की सड़क पर देख स्थानीय लोग उनके इर्द गिर्द इकट्ठा हो गए। राहुल लोगों से हाथ मिला रहे थे उनका कुशलक्षेम भी पूछ रहे थे।
राहुल ने नजदीक की एक चाय दुकान पर चाय की चुस्कियां भी लीं। खबर फैलते ही स्थानीय पत्रकार अपने फोटोग्राफरों व कैमरा टीम के साथ वहां पहुंचे लेकिन राहुल के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें फोटो लेने से मना कर दिया।
उल्लेखनीय है कि राहुल पिछले साल मार्च में जब उड़ीसा के चारदिवसीय दौरे पर आए थे तब भी उन्होंने ऐसा ही किया था। वे अचानक ही बगैर स्थानीय प्रशासन को इत्तला किए कोरापुट जिले के एक गांव में घूमने निकल पड़े थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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