चिदम्बरम पर पत्रकार ने फेंका जूता, सभी ने की निंदा (लीड-4)

राजधानी स्थित कांग्रेस मुख्यालय में मंगलवार दोपहर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में पत्रकार जरनैल सिंह ने चिदम्बरम से जानना चाहा कि किन हालातों में सीबीआई ने टाइटलर को क्लीन चिट दी।

चिदम्बरम ने जरनैल सिंह के सवाल का जवाब देते हुए कहा, "न तो गृह मंत्रालय और न ही किसी अन्य मंत्रालय ने सीबीआई पर दबाव डाला। सीबीआई ने सिर्फ रिपोर्ट दी है। यह अदालत पर निर्भर करता है कि वह सीबीआई की रिपोर्ट को स्वीकार करे या खारिज करे।"

इस सवाल पर चिदम्बरम और सिंह के बीच थोड़ी बहस भी हुई। चिदम्बरम ने सिंह से आग्रह किया वह बहस न करें जबकि सिंह उनसे अगला सवाल पूछे जा रहे थे। इसी बीच अचानक सिंह ने जूता निकाल और चिदम्बरम पर फेंका दिया, जो उनसे कुछ दूर जा गिरा।

इस घटना से विचलित हुए बगैर मंत्री ने कहा, "कृपया इन्हें आराम से बाहर ले जाइए।" इस पर कांग्रेस कार्यकर्ता फौरन जरनैल सिंह को कमरे से बाहर ले गए।

इस बीच, जरनैल सिंह को बगैर कोई मामला दर्ज किए रिहा कर दिया गया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "हमें कोई शिकायत नहीं मिली है। गृह मंत्री ने कहा है कि उन्हें माफ कर दिया जाना चाहिए।"

भाजपा ने इस घटना की निंदा करते हुए कांग्रेस को सलाह दी है कि वह लोकसभा चुनाव में सिख विरोधी दंगों के कथित आरोपियों जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार को उम्मीदवार न बनाए।

भाजपा प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने पत्रकारों से चर्चा में कहा, "ऐसी कोई घटना जो अमर्यादित हो और ऐसी कोई भाषा जो देश के बुनियादी लोकाचारों के खिलाफ है, भाजपा उसकी निंदा करती है। जो कुछ भी हुआ कांग्रेस को उससे सबक लेनी चाहिए।"

उन्होंने कहा, "देश के सिख व पंजाबी समुदाय के साथ जो व्यवहार हुआ है उससे उनमें नाराजगी है। टाइटलर को क्लीन चिट देने के मामले में कांग्रेस ने जिस प्रकार से केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का इस्तेमाल किया है, उससे लोगों का गुस्सा और बढ़ा है।"

सिंह ने कहा, "भाजपा उक्त घटना की निंदा करती है न कि पत्रकार की भावना की। लोकतंत्र में मुद्दों को उठाने की अनुमति है। विचारों में अंतर जरूर हो सकता है लेकिन जो घटना हुई है उसका स्वागत नहीं किया जा सकता।"

भाजपा की सहयोगी शिरोमणी अकाली दल ने जरनैल सिंह के 'साहस और बहादुरी' की प्रशंसा की है और उसे दो लाख रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

अकाली दल के राष्ट्रीय महासचिव अवतार सिंह हित ने आईएएनएस से कहा, "यह निर्णय हमने जूता फेंकने के कारण नहीं लिया है बल्कि यह हमारी पीड़ा को दर्शाता है। भगत सिंह ने भी विधानसभा में बम फेंका था। पत्रकार के साहस और बहादुरी भरे कदम के लिए हम उसे दो लाख रुपये देने की घोषणा करते हैं।"

उधर, जरनैल सिंह ने कहा है कि उनका तरीका गलत था लेकिन उन्होंने जो मुद्दा उठाया था वह सही है।

जरनैल सिंह ने तुगलक रोड थाने से आईएएनएस से फोन पर बातचीत में कहा, "मैं उनसे (चिदम्बरम) बस यह पूछना चाहता था कि वे कैसे खुश हो सकते हैं जबकि पूरा का पूरा सिख समुदाय गुस्से में हैं।"

उन्होंने कहा, "मैं उनसे यही पूछना चाह रहा था कि ऐसे कैसे न्याय किया जा सकता है लेकिन वे मेरे सवालों का जवाब देने को तैयार नहीं थे।" उन्होंने कहा, "मैं नहीं समझता कि मैंने जो तरीका अपनाया वह सही है लेकिन मेरा जो मुद्दा था वह सही है।"

उधर, तिरुवनंतपुरम में इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश करात ने कहा कि गुस्से के इजहार का कोई और भी तरीका हो सकता था।

उन्होंने कहा, "सिख विरोधी दंगे को लेकर दिल्ली से कांग्रेस के एक उम्मीदवार के खिलाफ जाहिर तौर पर लोगों में गुस्सा है। लेकिन पत्रकार द्वारा अपनी भावनाओं के इजहार के लिए और भी तरीके हैं।"

इस बीच, जरनैल सिंह के कृत्य की निंदा करते हुए संबंध समाचार पत्र समूह ने कहा कि उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है। समूह ने एक बयान में कहा, "यह जरनैल सिंह का निजी मामला है और प्रकाशन समूह का इससे कुछ लेना-देना नहीं है और यह संस्थान की परंपरा, संस्कार व संस्कृति के नियमों और प्रावधानों के खिलाफ है।"

जूता फेंकने की घटना को कई संपादकों ने गैरपेशेवर हरकत करार दिया है। एडिटर्स गिल्ड के के.एस. सच्चिदानंद मूर्ति ने मंगलवार को कहा कि रिपोर्टिग के लिए बाहर जाने वाले पत्रकारों को पहली सलाह यह दी जानी चाहिए कि वे भावनाओं में न बहें और निष्पक्ष रिपोर्टिग करें।

मूर्ति ने कहा, "हम संवाददाताओं को सलाह देते हैं कि वे भावनाओं में न बहें और संवाददाता सम्मेलनों की मर्यादा को भंग न करें। सार्वजनिक बैठकों में मारपीट एक अलग मामला है, लेकिन एक पत्रकार के रूप में हमारी एक बड़ी जिम्मेदारी होती है। पत्रकारों को अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना चाहिए।"

समाचार पत्र डीएनए की राजनीतिक संपादक आरती जेरथ ने कहा कि पत्रकार जरनैल सिंह की कार्रवाई अप्रत्याशित थी।

जेरथ ने आईएएनएस से कहा, "पेशेवर स्तर पर जब आप कहीं किसी कार्यक्रम की रिपोर्टिग के लिए जाएं तो वहां आपको अपनी भावनाओं को निकाल कर बाहर फेंक देना चाहिए।"

डेक्कन क्रॉनिकल की स्थानीय संपादक नीना गोपाल ने कहा, "मैं नहीं समझती कि यह घटना कार्यक्रमों की रिपोर्टिग में मीडिया की आजादी पर अंकुश लगा देगी। मेरा मतलब यह कि यह घटना मीडिया की गलत तस्वीर प्रस्तुत करेगी। एक पत्रकार के रूप में हमें सम्मान के साथ देखा जाता है और यह घटना उस सम्मान को कम कर सकती है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+