इटली में भूकंप में मरने वालों की संख्या 207 हुई (लीड-2)
बर्लुस्कोनी ने इस आपदा के लिए बाहरी मदद लेने से इंकार कर दिया है।
बर्लुस्कोनी ने अब्रुजो की राजधानी लाक्वि ला में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "बाहरी राष्ट्रों की सहानुभूति के लिए हम उन्हें धन्यवाद देते हैं। लेकिन हम उनसे निवेदन करते हैं कि वे अपनी सहायता हमें न भेजें।"
बर्लुस्कोनी ने कहा कि इटली के लोग अपने देश की संपन्नता के कारण इस आपदा से निपटने में सक्षम हैं।
इसके पहले जर्मनी के रेड क्रास व सहयोग संगठन ह्युमेडिका ने सहयोग का प्रस्ताव दिया था। दूसरी ओर वाशिंगटन में अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका इटली को आपात राहत कोष उपलब्ध कराएगा। ताइवान और लंदन से भी मदद के प्रस्ताव आए थे।
संवाददाता सम्मेलन के दौरान बर्लुस्कोनी ने राहत कार्यो का ब्योरा भी प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राहत अभियान अगले 48 घंटों तक जारी रहेंगे।
बर्लुस्कोनी ने कहा कि एक जमीदोज इमारत के मलबे में चार छात्रों के जिंदा होने की संभावना है।
इसके पहले राहत कर्मियों ने 20 घंटे के अभियान के दौरान शहर की एक अन्य इमारत से एक 24 वर्षीय छात्रा को जिंदा निकाल लिया था।
बर्लुस्कोनी ने कहा कि मृतकों में 17 की पहचान अभी नहीं की जा सकी है। जबकि 15 अभी भी लापता हैं।
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार इटली के प्राचीन शहर लाक्विला और उसके आसपास के पहाड़ी इलाकों में सोमवार तड़के भूकंप के शक्तिशाली झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.8 और 6.2 के बीच मापी गई थी।
नागरिक सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार भूंकप के कारण हजारों लोग बेघर हो गए हैं, वहीं 1500 लोग घायल हो गए हैं। बहुत से बेघर लोगों ने सोमवार की रात कारों में बिताई।
पर्वतीय इलाका होने तथा भूकंप के हल्के झटके जारी रहने की वजह से राहत कार्यो में रुकावट आ रही है। शक्तिशाली भूकंप के बाद से भूकंप के करीब 280 हल्के झटके महसूस किए जा चुके हैं।
इटली की सरकार ने आपात स्थिति की घोषणा करते हुए क्षेत्र में आपात सेवाओं के कर्मचारियों और सेना को भेजकर व्यापक पैमाने पर राहत अभियान आरंभ कर दिया है। मंगलवार सुबह 4.8 की तीव्रता का भूकंप का झटका महसूस किया गया।
आपातकालीन सेवाओं से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि भूकंप के झटके स्थानीय समयानुसार सोमवार तड़के 3.32 बजे महसूस किए गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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