गिरफ्तारी के आदेश के बाद नरम पड़े लालू (लीड-2)
वरुण मामले में सफाई देते हुए लालू ने मंगलवार को कहा कि उनके बोलने का मतलब केवल यह था कि साम्प्रदायिक भाषण देने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। पटना में पत्रकारों से चर्चा करते हुए लालू ने कहा, "हम देश को टूटने नहीं देंगे। इसके लिए मैं कोई भी कदम उठाने को तैयार हूं।"
उन्होंने कहा, "मैंने साम्प्रदायिक ताकतों को कुचलने की बात कही थी। मेरे शरीर में जब तक खून रहेगा, तब तक ऐसी ताकतों का विरोध करूंगा।"
उल्लेखनीय है कि लालू के खिलाफ किशनगंज थाने में मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके तत्काल बाद प्रशासन ने उनकी गिरफ्तारी के आदेश भी जारी कर दिए।
किशनगंज जिले के पुलिस अधीक्षक आर. एन. सिंह ने आईएएनएस को बताया कि लालू के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद उनकी गिरफ्तारी के आदेश दिए गए। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी फेराक अहमद के आदेश पर मामला दर्ज किया गया।
उन्होंने बताया कि किशनगंज के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) खुशर्ाीद आलम के लिखित प्रतिवेदन पर दर्ज इस मामले में लालू पर भारतीय दंड संहिता की धारा 153 तथा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 125 लगाई गई है।
लालू पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पीलीभीत में वरुण का मामला और यहां का मामला अलग-अलग है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि लालू के खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि लालू ने सोमवार को किशनगंज में एक चुनावी सभा में कहा था, "यदि मैं गृह मंत्री होता तो मुसलमानों के खिलाफ टिप्पणी करने वाले वरुण गांधी को रोलर के नीचे कुचलवा देता, चाहे इसके लिए जो होता।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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