महिलाओं ने यात्रियों ने कहा, मेट्रो भी अधिक सुरक्षित नहीं
नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली मेट्रो ने राजधानी के यात्रियों की समस्याएं कम की हैं लेकिन इसमें छेड़खानी और भीड़ भरे डिब्बों में सीटों को लेकर कहासुनी भी बढ़ी है। यद्यपि अधिकारियों का कहना है कि उनको कोई शिकायत नहीं मिली है।
जन संपर्क पेशेवर जूही दत्ता ने आईएएनएस से कहा कि वह दो बार छींटाकशी का शिकार हुईं। इस तरह की घटनाएं समान्यत: जब होती हैं जब कोई मेट्रो में सवार होने का प्रयास करता है।
दत्ता के अनुसार राजीव चौक स्टेशन पर सबसे अधिक भीड़ होती है और वहां सुरक्षा प्रबंध अपर्याप्त हैं। दत्ता के साथ दोनों घटनाएं यहीं हुईं।
पीड़ितों में आमतौर पर पुलिस से शिकायत दर्ज कराने की प्रवृत्ति नहीं है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (अपराध और रेलवे) भैरों सिंह ने कहा कि उन्हें मेट्रो में छेड़खानी की कोई शिकायत अभी तक नहीं मिली है।
उन्होंने कहा कि पीड़ित यदि अपनी पहचान छुपाना चाहे तो भी पुलिस कार्रवाई करने को तैयार रहती है।
जनसंचार पाठ्यक्रम की छात्रा अनुराधा झा ने भी कहा कि मेट्रो में छेड़खानी की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसलिए वह भीड़भाड़ के समय मेट्रो की सवारी करने से बचती हैं।
दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन के प्रवक्ता अनुज दयाल ने आईएएनएस से कहा कि उसके पास सुरक्षाकर्मियों की भारी कमी है और वह पूरे समय उनको तैनात नहीं कर सकता। इसलिए केवल भीड़भाड़ के समय उनको तैनात किया जाता है।
मेट्रो से रोजाना औसतन 850,000 यात्री सफर करते हैं और सुबह 8.30 से 11.30 तथा शाम 5.30 से 8 बजे तक भारी भीड़ होती है।
दयाल ने कहा कि कारपोरेशन सादे कपड़ों में सुरक्षाकर्मियों को तैनात करने की योजना पर विचार कर रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
**


Click it and Unblock the Notifications