चिदम्बरम पर पत्रकार ने फेंका जूता, अकालियों ने सराहा तो भाजपा ने की निंदा (लीड-3)
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जहां इस घटना की निंदा की वहीं उसकी सहयोगी शिरोमणी अकाली दल ने पत्रकार के साहस की सराहना की और उसे दो लाख रुपये का ईनाम देने की घोषणा की है। इस बीच, पत्रकार जरनैल सिंह को बगैर मामला दर्ज किए रिहा कर दिया गया।
राजधानी स्थित कांग्रेस मुख्यालय में मंगलवार दोपहर आयोजित एक विशेष संवाददाता सम्मेलन के दौरान यह घटना हुई। दरअसल, पत्रकार जरनैल सिंह ने चिदम्बरम से जानना चाहा था कि किन हालातों में सीबीआई ने टाइटलर को क्लीन चिट दी।
चिदम्बरम ने जरनैल सिंह के सवाल का जवाब देते हुए कहा, "ना तो गृह मंत्रालय और ना ही किसी अन्य मंत्रालय ने सीबीआई पर दबाव डाला था। सीबीआई ने सिर्फ रिपोर्ट दी है। यह अदालत पर निर्भर करता है कि वह सीबीआई की रिपोर्ट को स्वीकार करे या खारिज करे।"
इस सवाल पर चिदम्बरम और सिंह के बीच थोड़ी बहस भी हुई। चिदम्बरम ने सिंह से आग्रह किया वे बहस न करे जबकि सिंह उनसे अगला सवाल पूछे जा रहे थे। इसी बीच अचानक सिंह ने जूता निकाल चिदम्बरम पर फेंका डाला जो उनसे कुछ दूरी पर गिरा।
इस घटना से विचलित हुए बगैर मंत्री ने कहा, "कृपया इन्हें आराम से बाहर ले जाइए।" इस पर कांग्रेस कार्यकर्ता फौरन जरनैल सिंह को कमरे से बाहर ले गए।
इस बीच, जरनैल सिंह को बगैर कोई मामला दर्ज किए रिहा कर दिया गया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "हमें कोई शिकायत नहीं मिली है। गृह मंत्री ने कहा है कि उन्हें माफ कर दिया जाना चाहिए।"
भाजपा ने इस घटना की निंदा करते हुए कांग्रेस को सलाह दी है कि वह लोकसभा चुनाव में सिख विरोधी दंगों के कथित आरोपियों जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार को उम्मीदवार न बनाए।
भाजपा प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने पत्रकारों से चर्चा में कहा, "ऐसी कोई घटना जो अमर्यादित हो और ऐसी कोई भाषा जो देश के बुनियादी लोकाचारों के खिलाफ है, भाजपा उसकी निंदा करती है। जो कुछ भी हुआ कांग्रेस को उससे सबक लेनी चाहिए।"
उन्होंने कहा, "देश के सिख व पंजाबी समुदाय के साथ जो व्यवहार हुआ है उससे उनमें नाराजगी है। टाइटलर को क्लीन चिट देने के मामले में कांग्रेस ने जिस प्रकार से केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का इस्तेमाल किया है, उससे लोगों का गुस्सा और बढ़ा है।"
सिंह ने कहा, "भाजपा उक्त घटना की निंदा करती है न कि पत्रकार की भावना की। लोकतंत्र में मुद्दों को उठाने की अनुमति है। विचारों में अंतर जरूर हो सकता है लेकिन जो घटना हुई है उसका स्वागत नहीं किया जा सकता।"
भाजपा की सहयोगी शिरोमणी अकाली दल ने जरनैल सिंह के 'साहस और बहादुरी' की प्रशंसा की है और उसे दो लाख रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
अकाली दल के राष्ट्रीय महासचिव अवतार सिंह हित ने आईएएनएस से कहा, "यह निर्णय हमने जूता फेंकने के कारण नहीं लिया है बल्कि यह हमारी पीड़ा को दर्शाता है। भगत सिंह ने भी विधानसभा में बम फेंका था। पत्रकार के साहस और बहादुरी भरे कदम के लिए हम उसे दो लाख रुपये देने की घोषणा करते हैं।"
उधर, जरनैल सिंह ने कहा है कि उनका तरीका गलत था लेकिन उन्होंने जो मुद्दा उठाया था वह सही है।
जरनैल सिंह ने तुगलक रोड थाने से आईएएनएस से फोन पर बातचीत में कहा, "मैं उनसे (चिदम्बरम) बस यह पूछना चाहता था कि वे कैसे खुश हो सकते हैं जबकि पूरा का पूरा सिख समुदाय गुस्से में हैं।"
उन्होंने कहा, "मैं उनसे यही पूछना चाह रहा था कि ऐसे कैसे न्याय किया जा सकता है लेकिन वे मेरे सवालों का जवाब देने को तैयार नहीं थे।"
उन्होंने कहा, "मैं नहीं समझता कि मैंने जो तरीका अपनाया वह सही है लेकिन मेरा जो मुद्दा था वह सही है।"
बहरहाल, इस घटना ने गत दिसम्बर में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जार्ज बुश पर इराकी पत्रकार मुंतजिर-अल-जैदी द्वारा जूता फेंकने की घटना की याद ताजा कर दी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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