कैलाश पर्वत के लिए हवाई सेवा अगले वर्ष
सदियों के सैकड़ों बौद्ध, हिंदू ,जैन और तिब्बति तीर्थयात्रियों के साथ केवल कुछ पर्यटक ही कैलाश पर्वत की यात्रा पर पहुंचते रहे है। पैदल यात्रा में महीनों लगने वाला समय आज सड़क मार्ग से ट्रक या जीप से केवल कुछ दिनों में सिमट गया है।
समाचार एजेंसी डीपीए ने अली पर्यटन ब्यूरो के प्रमुख ली युजियान के के हवाले से जानकारी दी है कि हवाई अड्डे का विस्तार कैलाश क्षेत्र के आस पास पर्यटन के लिए आधारभूत सुविधा तैयार करने का प्रमुख हिस्सा है।
उन्होंने बताया कि हवाई अड्डे का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और इसका परीक्षण किया जाएगा। अगले वर्ष से इससे उड़ानें आरंभ होंगी।
ली ने आशा जताई कि आरंभ में ल्हासा से प्रतिदिन एक उड़ान की उम्मीद की जा रही है। पर्यटकों की संख्या बढ़ने के बाद उड़ानों का समायोजन किया जाएगा।
चीन द्वारा स्थापित तिब्ब्त सरकार की वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार सरकार की योजना कैलाश पर्वत इलाके में 8.8 करोड़ डॉलर के व्यय से पर्यटन विकास के लिए आधारभूत संरचना का निर्माण करने की है।
ली ने कहा कि कैलाश इलाके में तिब्बतियों का प्रवेश निशुल्क है जबकि पर्यटकों को 200 युआन चुकाने होंगे। उन्होंने इस वर्ष कैलाश में कई हजार पर्यटकों के आने की आशा जताई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
**


Click it and Unblock the Notifications