अमेरिका इस्लाम के खिलाफ कभी नहीं होगा : ओबामा
ओबामा ने पूरी दृढ़ता के साथ कहा, "इस बारे में मैं जितना स्पष्ट कह सकता हूं, मुझे उसे कहने दें : अमेरिका न तो इस्लाम के खिलाफ युद्ध में शामिल है और न कभी भविष्य में ऐसा करेगा ही। वास्तव में एक ऐसी सतही विचारधारा, जिसे सभी लोग खारिज करते हैं, उसका विरोध करने के कारण मुस्लिम दुनिया के साथ हमारी साझेदारी नाजुक बनी हुई है।"
ओबामा मुस्लिम दुनिया में अमेरिका की छवि सुधारना चाहते हैं। लिहाजा इस्लामी दुनिया तक पहुंच बनाने के लिए वह एक नई नीति अपना रहे हैं।
ओबामा ने राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद सौ दिनों के भीतर इस मुस्लिम राष्ट्र में एक प्रमुख भाषण देने का वादा किया था।
ओबामा ने अपने भाषण में कहा, "हम आपसी हितों और आपसी सम्मान पर आधारित व्यापक रिश्ते स्थापित स्थापित करना चाहते हैं। हम सावधानी के साथ सुनेंगे, गलतफहमी को दूर करेंगे और सामूहिक आधार हासिल करेंगे। हम सहमत नहीं भी होंगे तो भी सम्मानजनक होंगे।"
ओबामा ने आगे कहा, "हम इस्लामी मत के प्रति अपना गहरा आदर व्यक्त करते हैं। इस्लाम ने दुनिया को बेहतर स्वरूप प्रदान करने में सदियों तक योगदान किया है, उसमें अमेरिका भी शामिल है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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