असम में सिलसिलेवार बम विस्फोट में 8 मरे, 60 घायल (लीड-3)
इस बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने असम में सोमवार को किए गए सिलसिलेवार बम विस्फोटों की निंदा करते हुए कहा कि उनकी सरकार आतंकवादियों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और हादसे में मारे गए लोगों के शोकसंतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है।
पुलिस के एक प्रवक्ता के अनुसार राज्य के विभिन्न इलाकों में तीन बम विस्फोट हुए और दो जगह ग्रेनेड से हमले किए गए। हमले में एक पुलिस थाने को भी निशाना बनाया गया।
पहला शक्तिशाली विस्फोट गुवाहाटी के व्यस्ततम मालीगांव इलाके में हुआ। जबकि दूसरा विस्फोट उत्तरी सोणितपुर जिले के ढेकियाजुली कस्बे में हुआ। तीसरा विस्फोट पूर्वी कारबी आंगलांग जिले में हुआ, जिसमें दो व्यक्ति घायल हो गए।
असम के पुलिस महानिरीक्षक जी.पी.सिंह ने कहा कि गुवाहाटी में दोपहर करीब एक बजकर 45 मिनट पर हुए विस्फोट में सात लोगों की मौत हो गई और 50 लोग घायल हो गए। घायलों में कुछ की स्थिति गंभीर है।
पुलिस ने गुवाहाटी और ढेकियाजुली में किए गए विस्फोटों के लिए प्रतिबंधित संगठन युनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ ेअसम (उल्फा) को जिम्मेदार ठहराया है। जबकि कारबी आंगलांग में विस्फोट के लिए एक आदिवासी समूह को जिम्मेदार ठहराया है।
पुलिस महानिरीक्षक सिंह ने बताया, "यह विस्फोट उल्फा के 30 वें स्थापना दिवस से महज एक दिन पहले हुआ और इसकी खुफिया सूचना थी कि आतंकवादी शहर में हमले की साजिश रच रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि बम एक मोटरसाइकिल पर रखा गया था।
ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एक दिन बाद डिब्रूगढ़ में एक चुनावी रैली को संबोधित करने वाले थे।
मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने इसे एक बर्बर कृत्य की संज्ञा देते हुए पुलिस को आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।
घायलों में अधिकतर गुवाहाटी के हैं, जहां 50 लोग घायल हुए हैं। घायलों को गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
देबजीत नामकएक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, "घायलों में कई स्कूली बच्चे भी हैं जो स्कूल से लौट रहे थे।"
गुवाहाटी में विस्फोट के तुरंत बाद आग लग गई। परिणामस्वरूप दर्जन भर मोटरसाइकिलें और कई कारें नष्ट हो गईं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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