भूकंप व आतंकी हमले के पीड़ितों के लिए बनेंगे 5 सचल अस्पताल
गृह मंत्रालय के तहत आने वाली राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (एनडीएमसी) की संचालन समिति के सदस्य शक्ति गुप्ता ने सोमवार को बताया कि इन सचल अस्पतालों में 200 बिस्तर, एक गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू), एक प्रयोगशाला और एक ब्लड बैंक की सुविधा शामिल होगी।
ये अस्पताल किसी प्राकृतिक या अप्राकृतिक आपदा के दौरान घटनास्थल पर पहुंचने के थोड़े ही समय बाद काम करना शुरू कर देंगे।
उन्होंने कहा कि एक सचल अस्पताल की लागत 30 करोड़ रुपये आएगी।
गुप्ता ने विश्व स्वास्थ्य दिवस 2009 के मौके पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अभियान 'सेव लाइव्स, मेक हॉस्पीटल्स सेफ इन इमर्जेसीज' की शुरुआत के मौके पर संवाददाताओं को बताया, "वर्ष 2001 में गुजरात में आए भूकंप के दौरान पहली बार सचल अस्पताल की जरूरत महसूस की गई। इस सेवा की जरूरत इस नाते भी महसूस की गई क्योंकि उस दौरान 3,000 से अधिक स्वास्थ्य सुविधाएं पूरी तरह नष्ट हो गई थीं। जिस कारण घायलों को चिकित्सकीय सेवा उपलब्ध करा पाना कठिन हो गया था।"
गुप्ता ने कहा कि गृह मंत्रालय ने शुरू में इस तरह के दो सचल अस्पतालों का आर्डर दिया था। लेकिन बाद में यह संख्या बढ़ा कर पांच कर दी गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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