'चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल के लालगढ़ में पुलिस कार्रवाई संभव'
पश्चिम बंगाल के गृह सचिव अर्देन्दु सेन ने कोलकाता से लगे 24 परगना जिले में संवाददाताओं से कहा कि यदि लालगढ़ के लोगों ने प्रतिरोध किया तो वहां लोकसभा चुनाव कराने के लिए वह पुलिस कार्रवाई करेंगे।
सेन ने कहा कि आम नागरिकों को परेशान किए बिना इलाके में पुलिस बल के प्रवेश के उपाय पर काम चल रहा है।
सेन ने कहा कि इलाके में सशस्त्र लोगों का एक गिरोह सक्रिय है जिसकी सदस्य संख्या करीब 100 है। पुलिस कार्रवाई के दौरान यदि यह गुट अवरोध पैदा करेगा तो उनका दमन किया जाएगा।
पुलिस अत्याचारों के खिलाफ आदिवासियों द्वारा गठित जन समिति (पीसीएपीए) के सदस्यों ने रविवार को कहा था कि यदि सुरक्षा बलों ने इलाके में घुसने का प्रयास किया तो वे बड़े पैमाने पर प्रतिरोध करेंगे।
पीसीएपीए के नेता छत्रधर महतो ने कहा कि यदि वह पुलिस और अर्धसैनिक बलों को इलाके में प्रवेश करने की अनुमति देंगे तो मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के गुंडे लालगढ़ क्षेत्र में सुरक्षा बलों के वेश में घुस जाएंगे।
लोकसभा चुनाव करवाने के संबंध में महतो ने कहा कि निर्वाचन आयोग के प्रतिनिधियों को पीसीएपीए से संपर्क करना चाहिए जो सभी निर्वाचन कर्मचारियों को सुरक्षा उपलब्ध कराएगा।
पीसीएपीए ने क्षेत्र में सुरक्षा बलों और माकपा के सदस्यों के प्रवेश को रोकने के लिए रायगढ़ और बारोतेलिया पर दो चेकपोस्ट बनाए हैं।
लालगढ़ इलाके में पिछले नवंबर से समस्या तब पैदा हुई जब मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान तथा जितिन प्रसाद के काफिले के रास्ते में बारूदी सुरंग के विस्फोट के बाद पुलिस ने कुछ स्कूली छात्रों को गिरफ्तार किया और महिलाओं के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया।
इसके बाद नाराज आदिवासियों ने सड़कों को काटकर इलाके को वास्तव में पूरे जिले से अलग-थलग कर दिया। उनकी मांग पुलिस की ज्यादतियों के लिए सार्वजनिक माफी मांगने की भी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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