पाकिस्तान में धमाका, 20 लोगों की मौत

जिस समय धमाका हुआ उस वक़्त करीब एक हज़ार लोग एक मस्जिद में धार्मिक आयोजन में हिस्सा ले रहे थे.
सुरक्षा अधिकारी नदीम हसन आसिफ़ ने कहा कि हमलावर को मस्जिद के प्रवेश द्वार को रोका गया लेकिन उसे धमाका कर दिया.
पंजाब के क़ानून मंत्री राना सानाउल्ला ने एएफ़पी को बताया कि हमलावर को दरवाज़े पर ही रोक लिया गया वरना हताहतों की संख्या कहीं ज़्यादा होती.
जातीय हिंसा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावर एक किशोर युवक था और वे काले कपड़े पहनकर आया था.
आस के एक अस्पताल में डॉक्टर ने बताया कि 60 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं और कुछ लोगों की हालत गंभीर है. ये स्पष्ट नहीं है कि हमले के पीछे किसका हाथ है लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ये जातीगत हमला है.
बीबीसी संवाददाता के मुताबिक पाकिस्तान में शिया और सुन्नी समुदायों में आपसी हिंसा का लंबा इतिहास रहा है और इसमें हज़ारों लोग मारे गए हैं.
पिछले हफ़्ते ही अफ़ग़ान सीमा के पास एक मस्जिद पर बड़ा हमला हुआ था जिसमें 48 लोग मारे गए थे.


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