उत्तर कोरिया ने किया रॉकेट का प्रक्षेपण

उत्तर कोरिया ने अंतरराष्ट्रीय अपीलों की अनदेखी करते हुए रॉकेट का प्रक्षेपण किया है जो जापान के वायु क्षेत्र से होकर गुज़रा है. अमरीकी विदेश मंत्रालय, दक्षिण कोरिया और जापान ने इस प्रक्षेपण पर प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं.
अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता फ्रेड लैस ने रॉकेट प्रक्षेपण की पुष्टि करते हुए कहा कि यह प्रक्षेपण सुबह साढ़े छह बजे ( भारतीय समयानुसार) हुआ है. उनका कहना था, '' हम इस उकसाने वाली कार्रवाई की और जांच कर रहे हैं.''
सरकार का मानना है कि अगर ये संचार उपग्रह छोड़ने वाला रॉकेट है तो भी यह संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों का उल्लंघन है. हमारे विरोध के बावजूद उत्तर कोरिया का यह प्रक्षेपण अफसोसजनक है जापान के अधिकारी
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उधर जापान ने कहा है कि रॉकेट उनके वायु क्षेत्र से होकर गिरा है और इसे आगे बढ़ाने वाले बूस्टर जापान के पूर्व और पश्चिम के समुद्र में गिरे हैं.
जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव ताकेव कावामुरा का कहना था, '' सरकार का मानना है कि अगर ये संचार उपग्रह छोड़ने वाला रॉकेट है तो भी यह संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों का उल्लंघन है. हमारे विरोध के बावजूद उत्तर कोरिया का यह प्रक्षेपण अफसोसजनक है. ''
उत्तर कोरिया ने कुछ दिन पहले अंतरराष्ट्रीय प्राधिकरणों को सूचित किया था कि वो शनिवार से बुधवार के बीच अंतरिक्षण में एक उपग्रह को कक्षा में ले जाने के लिए रॉकेट का प्रक्षेपण करेंगे.
ख़राब मौसम के कारण उत्तर कोरिया को रॉकेट प्रक्षेपण में शनिवार को मुश्किल आई लेकिन उनका कहना है कि यह रॉकेट संचार उपग्रह लेकर अंतरिक्ष में गया है. उत्तर कोरिया के इस दावे पर अमरीका, जापान और दक्षिण कोरिया यकीन नहीं कर रहे हैं.
अमरीका, जापान और दक्षिण कोरिया समते कई देशों का मानना है कि उपग्रह भेजने के लिए रॉकेट छोड़ने की आड़ में उत्तर कोरिया लंबी दूरी के मिसाईलों का परीक्षण कर रहा है. इन देशों ने उत्तर कोरिया को प्रक्षेपण न करने के लिए कहा था.
इससे पहले उत्तर कोरिया ने 2006 में मिसाईल का परीक्षण किया था जो चाली सेकंड तक हवा में रहने के बाद फट गया था. संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के तहत उत्तर कोरिया को मिसाईल परीक्षणों की अनुमति नहीं है.
माना जा रहा है कि ऐसे किसी मिसाईल के सफल परीक्षण के बाद उत्तर कोरिया के पास ऐसे मिसाईल हो जाएंगे जो अमरीका के अलास्का क्षेत्र तक मार कर सकेंगे.


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