रिलायंस व टीसीएस ने ओबामा के सलाहकार को अदा किए हजारों डॉलर (लीड-2)
एक प्रमुख इंटरनेट समाचार पत्र हफिंगटन पोस्ट ने लिखा है कि मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसिस (टीसीएस) उन कंपनियों में शामिल हैं जो ओबामा के मुख्य आर्थिक सलाहकार लैरी समर्स को पैसे देती हैं।
उच्च पदस्थ अधिकारियों द्वारा व्यक्तिगत तौर पर किए खुलासे के हवाले से समाचार पत्र ने लिखा है कि रिलायंस ने समर्स को उनसे सलाह लेने के बदले 187,500 डॉलर अदा किया, जबकि टीसीएस ने पिछले वर्ष 21 सितंबर को उनके व्याख्यान के लिए उन्हें 67,500 डॉलर अदा किया था।
शुक्रवार को देर शाम व्हाइट हाउस से जारी किए गए दस्तावेजों में कहा गया है कि समर्स को पैसे अदा करने वाली इन कंपनियों का सरकार के साथ प्रत्यक्ष वित्तीय हित है या फिर वे व्हाइट हाउस बैंक राहत कार्यक्रमों में शामिल हैं।
अखबार ने कहा है, "राष्ट्रपति के एक सबसे करीबी विश्वासपात्र समर्स के संदर्भ में उपलब्ध कराए गए दस्तावेज इस बात को रेखांकित करते हैं कि ये कुछ अधिकारी उद्योगों के कितने करीब हैं।"
समाचार पत्र ने लिखा है, "समर्स राष्ट्रपति को जो निष्पक्ष आर्थिक सलाह उपलब्ध करा रहे हैं, यह व्याख्यान शुल्क निस्संदेह उस पर सवाल खड़ा करेगा।"
समाचार पत्र ने लिखा है, "व्याख्यानों के लिए यह भारी भुगतान उन लोगों के लिए चारे का काम करेगा जो सोचते हैं कि प्रशासन बैंकिंग उद्योग के प्रति अपने दृष्टिकोण में दयालु बन चुका है।"
रिलायंस की वेबसाइट पर समर्स को रिलायंस के नवीनीकरण परिषद के सदस्य के रूप में दिखाया गया है। इस परिषद को समूह को दृष्टि प्रदान करने वाला बताया गया है।
संपर्क करने पर कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा कि समर्स रिलायंस के सलाहकार मंडल के साथ उस समय जुड़े थे, जब वे हारवर्ड में थे।
प्रवक्ता ने कहा, "वहां हितों का कोई विवाद नहीं है। जब वे सरकार के साथ जुड़े तो बाकी सभी पदों से उन्होंने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने रिलायंस से भी इस्तीफा दे दिया।"
टीसीएस के प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें इस मुद्दे के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, "लैरी समर्स ने वर्ष 2008 में उत्तरी अमेरिका में आयोजित टीसीएस के उपभोक्ता शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था। उन्होंने प्रबंधन गुरु सी.के.प्रहलाद के साथ एक मुख्य भाषण भी दिया था। उस सम्मेलन में दो लोगों ने मुख्य भाषण दिया था।"
प्रवक्ता ने कहा, "इसके अलावा टीसीएस का लैरी के साथ कोई रिश्ता नहीं है। भुगतान का मामला उसी संदर्भ से जुड़ा होगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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