फिक्की ने निर्यात में गिरावट की आशंका जताई

नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) ने रविवार को कहा कि विदेशों में घटती मांग के बीच वर्तमान वित्तीय वर्ष में भारतीय निर्यात क्षेत्र की वृद्धि दर नकारात्मक या स्थिर रहने की आशंका है।

फिक्की द्वारा कराए गए सर्वेक्षण के अनुसार 61 प्रतिशत निर्यातकों का मानना है कि विश्व अर्थव्यवस्था में मंदी जारी रहने के कारण 2009-10 में निर्यात जोर नहीं पकड़ेगा।

इंजीनियरिंग उत्पादों, रत्न और आभूषण, रसायन, समुद्री उत्पाद, टायर और चमड़ा क्षेत्र में निर्यात में नकारात्मक या शून्य वृद्धि दर की संभावना है।

दूसरी ओर प्रसंस्कृत खाद्य, खाद्य तेलों, खेल के सामानों और कपड़ों के निर्यात में एक से पांच प्रतिशत वृद्धि की संभावना है।

सर्वेक्षण के अनुसार दवा और फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में निर्यात वृद्धि वर्ष 2009-10 में 13 प्रतिशत होने की संभावना है। पिछले दवा क्षेत्र में 23 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई थी।

करीब 56 प्रतिशत निर्यातकों का मानना है कि रुपये के मूल्य में कमी से निर्यात पर कोई सकारात्मक प्रभाव नहीं हुआ है।

फिक्की ने कहा कि पश्चिमी देशों की अर्थव्यवस्था की स्थिति पर पूरी तरह निर्भर हस्तशिल्प क्षेत्र के निर्यात में अनुमान के अनुसार वर्ष 2008-09 में 25 प्रतिशत की गिरावट आई है।

अन्य बड़े क्षेत्र जिनके निर्यात में गिरावट दिखाई देने की संभावना है उनमें रत्न और आभूषण, चमड़ा, रसायन, टायर, अयस्क और खनिज हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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