नैटो में अफ़ग़ानिस्तान मसले पर बातचीत

फ़्रांस और जर्मनी संयुक्त रुप से इस सम्मेलन का आयोजन कर रहे हैं. फ़्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा है कि नैटो के पास अफ़ग़ानिस्तान में सफल होने के अलावा और कोई विकल्प नहीं हैं.
जबकि जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान नैटो के लिए एक टेस्ट केस की तरह है. उनका कहना था कि जर्मनी अपनी ओर से मदद की हर संभव कोशिश करेगा.
इस सम्मेलन के लोकर स्ट्रॉसबर्ग में कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं. प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए फ़्रांसीसी पुलिस ने आँसू गैस का इस्तेमाल किया.
सम्मेलन के शुरे में नैटो महासचिव जनरल शेफ़र ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में नैटो ने अब तक का अपना सबसे बड़ा अभियान छेड़ा है.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस बैठक का मुख्य मकसद नैटो में नई जान फूँकना है क्योंकि बहुत लोगों को लगता है कि अफग़ानिस्तान में उसका अभियान ठीक नहीं चल रहा है.
सम्मेलन में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने यूरोपीय नेताओं से अपील की है कि अल क़ायदा के ख़िलाफ़ लड़ाई में वे एकजुट होकर सामने आएँ.
इस बीच नैटो के नए महासचिव को लेकर अभी सहमति नहीं बन पाई है. कई यूरोपीय नेता इस पद के लिए डेनमार्क के प्रधानमंत्री का समर्थन कर रहे हैं. वतर्मान महासचिव जुलाई के अंत में पद छोड़ देंगे.
लेकिन तुर्की ने डेनमार्क के प्रधानमंत्री के नाम पर आपत्ति जताई है. 2005 में पैगंबर मोहम्मद के कार्टून छापे जाने को लेकर डेनिश प्रधानमंत्री के रुख को लेकर तुर्की को एतराज़ है.


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