मायावती का पलटवार, कहा दर्द समझने के लिए मां होना जरूरी नहीं
लखनऊ में शनिवार को संवाददाताओं से बातचीत में मायावती ने कहा कि मां का दर्द समझ्झने के लिए मां होना आवश्यक नहीं है। महान समाज सेविका मदर टेरेसा का हवाला देते हुए मायावती ने कहा कि मां तो मदर टेरेसा भी नहीं थीं, फिर भी वह करोड़ों माताओं का दर्द समझ्झती थीं।
शुक्रवार को जब एटा जिला प्रशासन ने मेनका को वरुण से जेल में मिलने की अनुमति नहीं दी तो उन्होंने मायावती पर निशाना साधते हुए कहा था कि अगर वह मां होतीं तो एक मां का दर्द समझ पातीं।
मेनका के बयान पर पलटवार कर बसपा प्रमुख ने वरुण पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाये जाने को सही ठहराते हुए कहा कि यह कार्रवाई हालात के मुताबिक की गई है।
उन्होंने कहा कि अगर पीलीभीत में दंगा हो जाता तो हजारों माताओं की गोद सूनी हो जाती। मैंने हजारों माताओं के बारे में सोचकर वरुण के खिलाफ कार्रवाई की है।
मायावती ने कहा कि अगर मेनका अपने बेटे वरुण को अच्छे संस्कार देतीं को वह आज जेल में नहीं होते। उन्होंने कहा कि राज्य में किसी को भी कानून से खेलने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications