जंतर मंतर में 'खगोल विद्या के 100 घंटे' का आयोजन

दैनिक जीवन में खगोल विद्या के प्रति एक मौलिक विज्ञान के रूप में रुचि पैदा करने के लिए साइंस पापुलराइजेशन एसोसिएशन ऑफ कम्युनिकेटर्स एंड एजुकेटर्स (एसपीएसीई) की ओर से जंतर मंतर में गुरुवार से '100 ऑवर्स ऑफ एस्ट्रोनामी' का आयोजन किया जा रहा है।

यह समारोह रविवार को अपने पूरे जोश में होगा। इसके तहत स्कूली छात्रों को सूर्य घड़ी और टेलीस्कोप जैसे खगोलीय उपकरणों को इस्तेमाल करने की विधि सिखाई जा रही है।

7वीं के एक छात्र सौरव अग्रवाल ने कहा, "मैं अपने स्कूल में स्पेस क्लब का एक हिस्सा हूं। वहां मुझे सूर्य घड़ी, टेलीस्कोप और कई अन्य सारे उपकरणों का इस्तेमाल करना सिखाया जाता है। मैं हर सप्ताह खगोल शास्त्र की कक्षा का इंतजार करता हूं।"

कक्षा 9वीं की छात्रा सृष्टि ने कहा, "मैं अपने स्कूल में खगोल विद्या क्लब की एक हिस्सा हूं। मुझे यह विषय बहुत ही अच्छा लगता है। हमारा 46 विद्यार्थियों का एक समूह है और हम क्लब में खगोल विद्या से जुड़ी हर गतिविधियों में सक्रिय रहते हैं।"

स्पेस के अध्यक्ष सी.बी. देवगन के अनुसार खगोल वर्ष मनाने का इससे अच्छा तरीका और कुछ भी नहीं हो सकता कि युवाओं में इस विषय के प्रति रुचि जगाने वाली गतिविधियों की शुरुआत की जाए।

उन्होंने कहा कि यहां प्रतिदिन करीब 500 छात्र पहुंच रहे हैं।

जंतर मंतर वेधशाला का निर्माण 18वीं शताब्दी में जयपुर के राजा जय सिंह द्वितीय ने करवाया था। खगोल विद्या में उनकी गहरी रुचि थी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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