झारखंड के चुनाव प्रचार में 'गुरूजी' की गैर-मौजूदगी खल रही है
रांची, 4 अप्रैल(आईएएनएस)। उनकी छवि भलेही विवादास्पद नेता की रही है, पर झारखंड के लाखों लोग उन्हें ऐसे सम्मानित नेता के तौर पर देखते हैं जिसने अलग झारखंड राज्य के गठन के लिए भारी संघर्ष किया। प्यार और सम्मान से 'गुरूजी' कहकर पुकारे जाने वाले झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो)प्रमुख शिबू सोरेन की चुनाव प्रचार में गैर-मौजूदगी लोगों को खल रही है।
सोरेन पिछले दो महीनों से अस्पताल में भर्ती हैं और इतने बीमार हैं कि बगैर सहारे के चल नहीं सकते। शुक्रवार को उन्हें चार्टर्ड विमान से बोकारो से नई दिल्ली ले जाकर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया। कहा जाता है कि वह दिल की बीमारी और मूत्र नली में संक्रमण की चपेट में हैं।
उनके करीबियों के मुताबिक हाल में अपने छोटे भाई की मौत से उन्हें जो सदमा लगा है उससे वह उबर नहीं पाए हैं। उनके भाई शंकर सोरेन उनसे दस वर्ष छोटे थे। 12 जनवरी को मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद से ही सोरेन अस्पताल में हैं। अगले ही दिन यानी 13 जनवरी को भाई की मौत उन्हें दोहरा सदमा दे गई। उनके एक करीबी ने बताया कि भाई की मौत के बाद सोरेन को मायूसी भरे स्वर में यह कहते सुना गया कि 'राज और भाई दोनों' चला गया।
झामुमो के नेता सोरेन की अनुपस्थिति से काफी दुखी हैं। उनके पुत्र दुर्गा सोरेन को उम्मीद है कि इस हालत में जनता की पार्टी से हमदर्दी बढ़ेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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