बांग्लादेश: सड़कों से हटाए जाएंगे भिखारी

बांग्लादेश में अधिकारियों ने भीख माँगने पर प्रतबंध को कड़ाई से लागू करने का फ़ैसला किया है ताकि पाँच साल के भीतर ये समस्या पूरी तरह ख़त्म हो जाए.मंगलवार को बांग्लादेश की संसद ने सिलहट और बरीसाल को महानगर का दर्जा दे दिया है.
बांग्लादेश में महानगरों में भीख माँगने पर पहले से प्रतिबंध लगा हुआ है और किसी भी शहर को महानगर का दर्जा देने के बाद वहाँ भी प्रतिबंध लागू हो जाता है. ढाका, चिटगाँव और राजशाही में भीख माँगने पर प्रतिबंध पहले से लागू है.
हमें नहीं पता उन भिखारियों का क्या होगा. क्या सरकार उन्हें शहरी इलाक़ों से बाहर करने का इरादा रखती है? इनके पास रोज़गार का ज़रिया नहीं है. ये कोई अपनी इच्छा से भीख नहीं माँगते फ़राह कबीर
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हालाँकि आलोचकों का कहना है कि सरकारी फ़ैसले का असर नहीं हुआ है और इन शहरों में अभी भी भिखारियों की बड़ी तादाद देखी जा सकती है.
एक्शन एड के बांग्लादेश निदेशक फ़राह कबीर ने सरकार के फ़ैसले को प्रशंसनीय बताया लेकिन ये भी कहा कि सरकार ने अभी तक ये संकेत नहीं दिया है कि इस लक्ष्य को हासिल कैसे किया जाएगा.
उनका कहना था, "देश में चालीस फ़ीसदी लोग संयुक्त राष्ट्र मानकों के मुताबिक गरीबी रेखा से नीचे गुजर बसर कर रहे हैं. इसे देखते हुए ये मुश्किल लक्ष्य है."
वो कहती हैं, "हमें नहीं पता उन भिखारियों का क्या होगा. क्या सरकार उन्हें शहरी इलाक़ों से बाहर करने का इरादा रखती है? इनके पास रोज़गार का ज़रिया नहीं है. ये कोई अपनी इच्छा से भीख नहीं माँगते."
समाज कल्याण मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि भीख माँगने पर प्रतिबंध को कैसे लागू किया जाएगा, इसके बारे में एक माह के भीतर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंग.


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