'पाक में आतंकवादी गुटों का विदेश नीति के साधन के रूप में इस्तेमाल'
वाशिंगटन, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान आतंकवादी संगठनों का इस्तेमाल विदेश नीति के साधनों के रूप में कर रहा है। न्यूयार्क स्थित 'एशिया सोसाइटी' की नई रिपोर्ट में इस संबंध में जानकारी दी गई है।
एशिया सोसाइटी का मानना है कि अमेरिका की अपनी अफगानिस्तान नीति में पाकिस्तान को केन्द्र में रखना चाहिए और उसे आतंकवादी संगठनों का इस्तेमाल विदेशी नीति के साधन के रूप में करने से रोकना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान मामलों के विशेष दूत बनने से पहले रिचर्ड होलब्रुक ही एशिया सोसाइटी का नेतृत्व करते थे।
रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन अलकायदा नेतृत्व की जहां रक्षा करता है वहीं उसे प्रशिक्षण भी देता है और अफगानिस्तान में आतंकवाद के लिए जिम्मेदार संगठनों को सहायता भी मुहैया कराता है।
भारत पर संभावित खतरों के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि सशस्त्र कट्टरपंथियों का इस्तेमाल भारत और अफगानिस्तान के खिलाफ किया जा रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है, "पाकिस्तान का रक्षा प्रतिष्ठान भारत के साथ संभावित संघर्ष के मद्देनजर लोगों को विशेष रूप से प्रशिक्षित कर रहा है।"रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जब तक पाकिस्तानी नेतृत्व यह नहीं समझेगा घरेलू आतंकवादी उसके लिए भारत से ज्यादा खतरनाक हैं, तब तक वहां मौजूद आतंकवादी ठिकानों और आतंकवाद निरोधक क्षमता तैयार कर पाना संदेहास्पद लगता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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