आदिवासी लक्ष्मी ओरांग असम से लड़ेंगी चुनाव
तेजुपर (असम), 3 अप्रैल (आईएएनएस)। गुवाहाटी में 24 नवंबर, 2007 की शर्मसार कर देने वाली उस घटना की याद अब भी बहुत लोगों मे जहन में ताजा होगी जब लक्ष्मी ओरांग नाम की एक आदिवासी महिला को अपनी जान बचाने की कोशिश में निर्वस्त्र भागते देखा गया था। अब उसी लक्ष्मी ने असम की तेजपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
उस दिन राज्य के चाय बागानों में काम करने वालों मजदूरों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर गुवाहाटी में आयोजित रैली में लक्ष्मी भी हिस्सा लेने आई थीं। इस रैली में हजारों लोगों ने भाग लिया था। इसी दौरान कुछ स्थानीय लोगों और प्र्शनकारियों में झड़प होने से हिंसा भड़क उठी और इस फसाद में लक्ष्मी को निर्वस्त्र कर दिया गया था।
उन झड़पों में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई घायल हो गए थे। लक्ष्मी अपनी जान बचाने के लिए बीच सड़क पर दौड़ रही थी और तभी एक स्थानीय युवक ने अपनी टी-शर्ट उसे दी जिससे वह तन ढांप सकी थी। अगले दिन लक्ष्मी की तस्वीरंे समाचार पत्रों में छपीं और असम स्तब्ध रह गया ।
अब लक्ष्मी उस घटना से उबर चुकी है और संसद पहुंचने के लिए अपनी किस्मत आजमाने की तैयारी में है। उसे असम यूनाइटेड डेमोकट्रिक फ्रंट(एयूडीएफ) ने तेजपुर से अपना उम्मीदवार बनाया है।
लक्ष्मी ने आईएएनएस से कहा, "सभी जानते हैं कि मेरे साथ जो हुआ वह समाज के निचले तबके के साथ होने वाली नाइंसाफी और दुर्व्यवहार का प्रमाण था। मैं चुनाव जीतकर असम के लोगों खासकर महिलाओं और समाज के निचले तबके लिए कुछ सकारात्मक करना चाहती हूं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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