• search

तीसरे मोर्चे की रैली में हिस्सा लेंगे पवार

|
sharad Pawar

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के मुख्य घटक नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार शुक्रवार को भुवनेश्वर में तीसरे मोर्चे की एक रैली में हिस्सा लेंगे. एनसीपी महासचिव तारिक़ अनवर ने बुधवार को कहा कि एनसीपी का उड़ीसा में बीजू जनता दल के साथ सीटों के बँटवारे को लेकर तालमेल है, इसलिए शरद पवार शुक्रवार को भुवनेश्वर जाएंगे और वहाँ तीसरे मोर्चे की रैली में भाग लेंगे.

ये पहला मौक़ा होगा जब शरद पवार गैर कांग्रेस और गैर भाजपा विकल्प के रूप में पिछले महीने बने तीसरे मोर्चे के नेताओं के साथ मंच पर मौजूद होंगे. प्रेक्षकों का मानना है कि ये नए राजनीतिक गठजोड़ के संकेत साफ़ नज़र आ रहे हैं.

शरद पवार के इस फ़ैसले पर कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने एक टीवी चैनल से कहा कि ये निर्णय करना एनसीपी प्रमुख पर निर्भर करता है कि वो उड़ीसा में उन लोगों के साथ मंच पर मौजूद रहकर क्या संदेश देना चाहते हैं जिनका कोई धर्मनिरपेक्ष रिकॉर्ड नहीं है या जो लोग धर्मनिरपेक्ष ताकतों से अलग हुए हैं. उनका इशारा बीजू जनता दल और वामपंथी दलों की ओर था.

प्रधानमंत्री पर सवाल

इसके पहले एनसीपी ने मंगलवार को सत्तारूढ़ यूपीए गठबंधन के प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में मनमोहन सिंह को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था. एनसीपी का उड़ीसा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल के साथ सीटों के बँटवारे को लेकर तालमेल है, इसलिए शरद पवार शुक्रवार भुवनेश्वर जाएंगे और वहाँ तीसरे मोर्चे की रैली में भाग लेंगे तारिक़ अनवर, एनसीपी नेता

एनसीपी का उड़ीसा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल के साथ सीटों के बँटवारे को लेकर तालमेल है, इसलिए शरद पवार शुक्रवार भुवनेश्वर जाएंगे और वहाँ तीसरे मोर्चे की रैली में भाग लेंगे

एनसीपी के प्रवक्ता डीपी त्रिपाठी का कहना था, '' मनमोहन सिंह कांग्रेस पार्टी के लिए प्रधानमंत्री पद के दावेदार होंगे, यूपीए गठबंधन के नहीं.''

डीपी त्रिपाठी का कहना था कि यूपीए के नेता का चयन लोक सभा चुनावों के बाद किया जाएगा. उन्होंने ये भी कहा है कि अगर चुनावों के बाद कांग्रेस की स्थिति मजबूत नहीं रह जाती है, तो वह इसके लिए तीसरे मोर्चे से भी बात कर सकते हैं.

एनसीपी प्रवक्ता का कहना था,'' हम इस स्थिति के लिए किसी प्रकार से ज़िम्मेदार नहीं हैं. हम एक राष्ट्रीय स्तर का गठबंधन चाहते थे. यूपीए गठबंधन की मौजूदा स्थितियों ने हमें स्वतंत्र चुनाव नीति बनाने के लिए मजबूर कर दिया.'' उनका कहना था कि आज हम जिस स्थिति में हैं, उसके लिए कांग्रेस पूरी तरह ज़िम्मेदार है.

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more