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मनमोहन-ओबामा की मुलाकात संभव

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मिल सकते हैं मनमोहन और ओबामा

अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीच संभावित पहली मुलाक़ात में आर्थिक संकट के अलावा चरमपंथ पर भी बात हो सकती है. हालांकि इस मौक़े पर बुधवार को आयोजित भोज के दौरान दोनों नेताओं की मुलाक़ात हुई.

दुनिया भर में छाई आर्थिक मंदी से निपटने के लिए विश्व के 20 अमीर और विकासशील देशों के संगठन जी-20 की बैठक इन दिनों लंदन में चल रही है. इसके पहले इन दोनों नेताओं ने पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान में चरमपंथी तत्वों पर गहरी चिंता जताई थी.

उल्लेखनीय है कि एक ब्रितानी अख़बार से साक्षात्कार में मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान को विश्व में आतंकवाद की धुरी कहा है और यह भी कहा कि पाकिस्तान चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कारगर क़दम उठाने में विफल रहा है.

दूसरी ओर राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि 'विश्व समुदाय अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान में चरमपंथ को ख़त्म करने के लिए आवश्यक ध्यान देगा.'

ब्राउन से मुलाक़ात

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस से पहले ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन के साथ अपनी मुलाक़ात में अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता लाने की ज़रूरत पर बल दिया.

मनमोहन सिंह और ब्राउन की मुलाक़ात के दौरान विभिन्न मुद्दों पर बात हुई. दोनों के बीच एक घंटे तक चली मुलाक़ात के बाद विदेश सचिव शिवशंकर मेनन ने कहा कि पारदर्शिता और बैंकिंग प्रणाली में सूचना के आदान प्रदान पर दोनों में सहमति थी.

मनमोहन सिंह और गॉर्डन ब्राउन ने अपनी मुलाक़ात के दौरान पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान की स्थिति पर चिंता जताई. ब्राउन ने कहा कि पाकिस्तानी अधिकारियों को प्रोत्साहित करना होगा कि वे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिल कर इस समस्या का समाधान करें.

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