मुद्रास्फीति की दर में मामूली बढ़त

थोकमूल्य सूचकांक पर आधारित आंकड़ों के मुताबिक मुद्रास्फीति की दर में यह तेजी थोकमूल्य सूचकांक में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में बढ़त आने के कारण आई। गत 14 से 21 मार्च के बीच सूचकांक में 0.1 फीसदी की तेजी आई। समीक्षा अवधि के दौरान विनिर्मित वस्तुओं के सूचकांक में 0.2 फीसदी की तेजी आई जबकि प्राथमिक वस्तुओं के सूचकांक में हल्की तेजी आई। ईंधन सूचकांक 321.0 (अस्थाई) से गिरकर 320.9 (अस्थाई) पर आ गया।
पैदा हो सकती है अपस्फीति की स्थिति
अर्थशास्त्री पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि देश की अर्थव्यवस्था में अपस्फीति की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। अपस्फीति वह स्थिति है जब कीमतों में लगातार गिरावट आने लगती है।
उल्लेखनीय है कि धन की आपूर्ति कम होने और ऋण न दिए जाने तथा लोगों द्वारा खर्च कम करने के कारण अपस्फीति की स्थिति निर्मित होती है। ऐसे में मांग में कमी आने से बेरोजगारी दर बढ़ने का खतरा उत्पन्न हो जाता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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