अमेरिका, रूस परमाणु निरस्त्रीकरण पर सहमत (लीड-1)
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार 20 जनवरी को ओबामा के शपथ ग्रहण के बाद दोनों नेताओं ने लंदन में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन के मौके पर अपनी पहली मुलाकात के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया।
नया समझौता वर्ष 2009 के अंत में समाप्त हो रहे रूस-अमेरिका रणनीतिक हथियार कटौती कार्यक्रम (एसटीएआरटी) का स्थान लेगा।
इसके साथ ही ओबामा ने जुलाई महीने में मास्को का दौरा करने का निमंत्रण भी स्वीकार कर लिया।
वर्ष 1994 में अस्तित्व में आए एसटीएआरटी कार्यक्रम के तहत दोनों देश पहले से ही इस बात पर सहमत हैं कि वे 6,000 से अधिक वारहेड्स और 1,600 से अधिक मिसाइल वाहक नहीं रखेंगे।
बुधवार को जारी संयुक्त बयान में एसटीएआरटी कार्यक्रम को बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
दोनों पार्टियों द्वारा किए गए समझौते के अनुसार यह नया समझौता रूस और अमेरिका की आपसी सुरक्षा को बढ़ाएगा।
बुधवार की बातचीत के पहले ओबामा ने दोनों देशों के बीच संबंधों में वर्षो तक रही दूरियों को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि परमाणु निरस्त्रीकरण घनिष्ठ रिश्तों को शुरू करने का एक अच्छा अवसर है।
बैठक के पहले मेदवेदेव ने रिजर्व मुद्रा के रूप में डालर का पुनर्मूल्यांकन करने की चीन की मांग को दोहराया। दूसरी ओर ओबामा ने डॉलर की जगह एक वैश्विक रिजर्व मुद्रा की चीन की मांग को खारिज कर दिया।
लेकिन इन मतभेदों के बावजूद ओबामा ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों के कई सामूहिक आधार मौजूद हैं। इसमें आतंकवाद के खिलाफ जंग और आर्थिक वृद्धि को शामिल किया जा सकता है।
ज्ञात हो कि ओबामा और मेदवेदेव लंदन में दो अप्रैल से आरंभ होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने ब्रिटेन पहुंचे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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