हिंदुओं के तलाक मुद्दे पर विधि आयोग ने सौंपी रिपोर्ट
आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति डा. ए.आर.लक्ष्मणन ने इस रिपोर्ट को केंद्रीय विवि मंत्री डा. हंसराज भारद्वाज के समक्ष पेश किया।
विधि और न्याय मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार हिन्दू विवाह कानून, 1955 की धारा-13 तलाक के लिए आवेदन प्रस्तुत करने का आधार प्रदान करती है। उसी प्रकार विशेष विवाह कानून, 1954 की धारा 27 इस कानून के अधीन की गई शादी के मामले में तलाक पाने का आधार प्रदान करती है। हालांकि उपरोक्त कानून शादी टूटने और उसमें सुधार की गुंजाइश समाप्त होने को तलाक के आधार के रूप में नहीं मानती है।
भारतीय विधि आयोग ने हिन्दू विवाह कानून,1955 तलाक के आधार के रूप में शादी टूटने और उसमें सुधार की गुंजाइश नहीं रहना विषय पर अपनी 71वीं रिपोर्ट हिन्दू विवाह कानून में संशोधन करने का सुझाव दिया था ताकि हिन्दुओं के बीच तलाक पाने में शादी टूटने और उसमें कोई सुधार की गुंजाइश न रहने को एक नया आधार बनाया जा सके।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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