क्या छत्तीसगढ़ में भाजपा के लिए कारगर साबित होगा 'ब्रांड रमन'
रायपुर, 2 अप्रैल(आईएएनएस)। पिछले साल छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की चुनावी नैया पार लगाने वाले मुख्यमंत्री रमन सिंह के लिए लोकसभा चुनाव अम्ल परीक्षण साबित हो सकता है। सवाल यह है क्या इस बार भी रमन सिंह का जादू चल पाएगा?
स्वच्छ छवि और व्यापक जनाधार वाले रमन सिंह ने पार्टी की जीत पक्की करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। कई राजनीतिक विश्लेषक यह मानते हैं कि 2004 के लोकसभा चुनाव की तुलना में इस बार कांग्रेस पार्टी राज्य में ज्यादा सशक्त नजर आ रही है।
एक विश्लेषक अनिल विभाकर कहते हैं, "पिछले साल नवंबर के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के पीछे रमन सिंह की स्वच्छ छवि और लोकप्रियता की भूमिका बताई गई थी। लोकसभा चुनाव को लेकर मतदाताओं का रुख थोड़ा अलग होता है। मुझे लगता है कि राज्य के पांच-छह क्षेत्रों में रमन सिंह की राजनीतिक साख दांव पर लगी हुई है।"
कई विश्लेषकों का मानना है कि पांच अनारक्षित सीटों-राजनांदगांव, दुर्ग, महासमुंद, बिलासपुर और कोर्बा- के लिए कांग्रेस एवं भाजपा के बीच कांटे की टक्कर होगी। अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित चार संसदीय क्षेत्रों में भाजपा की स्थिति मजबूत दिख रही है।
वैसे, रमन सिंह को भरोसा है कि उनकी पार्टी कांग्रेस का पूरी तरह सफाया करने में सफल होगी। वह आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहते हैं, "हम पूरी ताकत लगा चुके हैं। कांग्रेस का वजूद कहां है?"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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