सारण में चलेगा लालू का जादू या फिर रूड़ी का सिक्का!
पटना, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा चुनाव के पहले चरण में ऐसे तो बिहार में कई दिग्गज नेताओं का भविष्य दांव पर लगा है परंतु सारण ऐसा लोकसभा क्षेत्र है जहां से दो दिग्गज चुनावी मैदान में ताल ठोंक रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जहां पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूड़ी को चुनाव मैदान में उतारा है वहीं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की तरफ से रेल मंत्री लालू प्रसाद खुद चुनावी अखाड़े में उतरे हैं। इस रोचक मुकाबले पर बिहार ही नहीं देश भर की निगाहें टिकी हैं।
लालू और रूड़ी के बीच यह कोई पहला मुकाबला नहीं है। वर्ष 2004 में हुए लोकसभा चुनाव में भी दोनों आमने-सामने थे। तब लालू ने रूड़ी को 60,423 मतों से पराजित किया था।
छपरा संसदीय क्षेत्र का नाम नए परिसीमन के बाद बदलकर सारण कर दिया गया है। सारण संसदीय क्षेत्र में मढ़ौरा, छपरा, गरखा, अमनौर, परसा तथा सोनपुर विधानसभा क्षेत्र आते हैं। पुराने छपरा संसदीय क्षेत्र से तरैया को निकालकर उसके स्थान पर अमनौर को शामिल किया गया है।
सारण संसदीय क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या करीब 12 लाख 50 हजार है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक क्षेत्र में साक्षरता की दर लगभग 52 फीसदी है तो गरीबी रेखा के नीचे जीवन बसर करने वालों की संख्या लगभग 54 फीसदी है।
सोनपुर के राजद विधायक रामानुज प्रसाद का मानना है कि रेल मंत्री लालू प्रसाद द्वारा रेलवे की कई योजनाओं को सारण में लाने का लाभ राजद को मिलेगा। उन्होंने कहा कि उनके काम को आधार बनाकर उनके लिए वोट मांगा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सारण संसदीय क्षेत्र में रेल मंत्री ने मधवारा में डीजल इंजन कारखाना, दरियापुर में रेल चक्का कारखाना, दरखा और सोनपुर में रेल डब्बा मरम्मति कारखाने का शिलान्यास किया जबकि दरियापुर में बनने वाला कारखाने का कार्य प्रगति पर है।
इधर, भाजपा का आरोप है कि लालू प्रसाद ने सारण के लिए कुछ नहीं किया और यही कारण है कि उन्हें यहां से जीतने का भरोसा नहीं है। भाजपा के विधायक एवं प्रवक्ता विनोद नारायण झा का कहना है कि अगर लालू को यहां की जनता पर भरोसा होता तो वे दो संसदीय क्षेत्रों से चुनाव नहीं लड़ते। उन्होंने कहा कि लालू के विकास का दावा खोखला है।
भाजपा के प्रत्याशी एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूड़ी ने आईएएनएस से बातचीत में लालू पर आरोप लगाया कि उन्होंने सभी योजनाओं का शिलान्यास पांचवें वर्ष में किया है। रेलवे की पूर्व में प्रारंभ की गई योजनाओं को पूरा नहीं करवाकर उन्होंने नई योजनाओं का शिलान्यास कर दिया। उन्होंने कहा कि शिलान्यास करना बड़ी बात नहीं है, योजनाओं को पूरा करना बड़ी बात है।
उन्होंने कहा कि जब वे मंत्री थे तो उन्होंने कई ऐसे काम किए जिन्हें लोग आज भी याद करते हैं। उनका दावा है कि सुशासन और विकास कार्यो के आधार पर जनता उन्हें वोट देगी।
उल्लेखनीय है कि छपरा संसदीय क्षेत्र से सांसद यादव या राजपूत जाति के ही लोग बनते रहे हैं। वर्ष 1957 में हुए लोकसभा चुनाव में राजेन्द्र सिंह सांसद निर्वाचित हुए थे तो वर्ष 1962 से लेकर 1971 तक हुए आम चुनाव में रामशेखर प्रसाद सिंह ने इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व संसद में किया। वर्ष 1977 में पहली बार लालू प्रसाद यहां से सांसद बने। 1989 में हुए चुनाव में पुन: यहां के मतदाताओं ने उन्हें सांसद बनाया। रूड़ी ने वर्ष 1996 में हुए लोकसभा चुनाव में सफलता प्राप्त की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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