चुनाव शांतिपूर्ण होंगे, सांप्रदायिकता से लड़ने की जरूरत : चिदंबरम (लीड-1)
राजधानी में कांग्रेस मुख्यालय में चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा कि चुनाव संचालन के लिए सरकार ने पर्याप्त सुरक्षा बलों को तैनात किया है। चुनाव को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए गए हैं।
चिदंबरम ने पिछले सप्ताह राजनीतिक पार्टियों के नेताओं और मुख्यमंत्रियों सहित 40 अतिविशिष्ट लोगों को चुनाव प्रचार के दौरान पूरी सावधानी बरतने को कहा था। उन्होंने पत्र में चुनाव प्रचार के दौरान किए जाने वाले सभी उपायों की सूची भी भेजी दी थी।
भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, एआईएडीएमके प्रमुख जे.जयललिता, तेलुगु देशम पार्टी प्रमुख एन.चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय मंत्री प्रणब मुखर्जी और ए.के.एंटनी तथा उत्तर प्रदेश, गुजरात और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री कई आतंकवादी संगठनों के निशाने पर हैं।
चिदंबरम ने भारत के समक्ष पैदा आतंकवादी खतरे को दक्षिण एशिया विशेषकर पाकिस्तान और अफगानिस्तान की खराब सुरक्षा स्थिति से जोड़ा।
चिदंबरम ने मीडिया से आग्रह किया कि वह सही तथ्यों को पेश करे और तटीय सुरक्षा, सांप्रदायिक सौहार्द और शांति जैसे वास्तविक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करे।
गृहमंत्री ने आतंकवाद से लड़ने के लिए एकता की आवश्यकता को भी रेखांकित किया और कहा कि धर्म और जाति पर बंटा देश आतंकवाद का मुकाबला नहीं कर सकता। चिदंबरम ने दावा किया कि केवल कांग्रेस ही देश को विभाजित किए बिना आतंकवाद से लड़ सकती है।
इससे पहले चिदंबरम ने आडवाणी से उनके निवास पर भेंट करके चुनाव के दौरान नेताओं को निशाना बनाने की आतंकवादियों की योजना के बारे में खुफिया चेतावनी की जानकारी दी।
आडवाणी के निजी सचिव दीपक चोपड़ा ने आईएएनएस से कहा कि यह बैठक मूलरूप से चुनाव अभियान के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की जानकारी देने के लिए थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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