सीबीआई ने 84 दंगों में टाइटलर को दी क्लीन चीट, सिखों का प्रदर्शन (लीड-1)
इस मामले में अपनी अंतिम रिपोर्ट दाखिल करते हुए सीबीआई ने दिल्ली की एक अदालत से आग्रह किया कि इस मामले को बंद कर दिया जाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने पिछले सप्ताह महानगर दंडाधिकारी रामलाल मीणा की अदालत में 84 के सिख विरोधी दंगों के एक मामले में सीलबंद लिफाफे में अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट दाखिल की थी। सीबीआई ने इस मामले के एक गवाह जसवीर सिंह के बयानों की समीक्षा के बाद अंतिम रिपोर्ट दाखिल की है।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के वकील एच. एस. फुल्का ने अदालत के समक्ष कहा कि वे सीबीआई की अंतिम रिपोर्ट को जांचना चाहते हैं। इसके बाद अदालत ने सीबीआई से नौ अप्रैल तक इसका जवाब देने को कहा है।
सीबीआई द्वारा टाइटलर को क्लीन चिट दिए जाने की आलोचना करते हुए फुल्का ने कहा, "सीबीआई के रवैये से हम दुखी हैं। जब से यह मामला सीबीआई के पास गया है, वे उसे क्लीन चीट देने के लिए बेताब दिखे। हम अपनी लड़ाई आगे भी जारी रखेंगे। हमें उम्मीद है कि पैसे और राजनीतिक दमखम की हार होगी।"
उन्होंने कहा, "दुखद बात ये है कि इससे पहले की अंतिम सीलबंद रिपोर्ट खुलती, उससे पहले ही टाइटलर को पता चल गया कि उन्हें क्लीन चिट मिल गई है।"
इस बीच, 84 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों और सैकड़ों सिखों ने सीबीआई की क्लीन चीट से नाराज होकर अदालत के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस, सीबीआई और टाइटलर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
एक पीड़ित ने कहा, "सीबीआई की यह कार्रवाई शर्मनाक है। इस जांच एजेंसी पर से हमारा विश्वास पूरी तरह उठ गया है। सीबीआई आरोपियों के हाथ मिलकर काम कर रही है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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