संजय दत्त चुनाव नहीं लड़ सकेंगे

अदालत ने कहा कि उन्हें अनुमति नहीं दी जा सकती है.
संजय दत्त ने सुप्रीम कोर्ट में इस संबंध में एक याचिका दायर की थी.
सुप्रीम कोर्ट का कहना था कि हालांकि संजय दत्त ने पहली बार अपराध किया है लेकिन मामला गंभीर है.
मैं लखनऊ छोड़ कर नहीं जाउँगा और मैं समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के साथ हूँ संजय दत्त
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उल्लेखनीय है कि समाजवादी पार्टी ने संजय दत्त को लखनऊ से अपना उम्मीदवार घोषित किया था और वो इसके बाद से अपने प्रचार में जुटे हुए थे.
इस फ़ैसले के बाद संजय ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं.
हालांकि उन्होंने कहा, "मैं लखनऊ छोड़ कर नहीं जाऊँगा और मैं समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के साथ हूँ."
वर्ष 1993 में मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में एक विशेष अदालत ने 'आर्म्स एक्ट' के तहत संजय दत्त को छह साल की सज़ा सुनाई थी.
संजय दत्त इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत मिलने के बाद से जेल से बाहर हैं.
संगीन अपराधों में चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं मिलती है.
हांलाकि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू को एक आपराधिक मामले के बावजूद लोक सभा चुनाव लड़ने की अनुमति दे दी थी.
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी व्यवस्था में कहा कि संजय दत्त की सिद्घू के मामले से तुलना नहीं की जा सकती.


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