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'आर्थिक संकट से जल्द निपटना ज़रूरी'

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barack obama

जी-20 सम्मेलन से पहले अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि विश्व में आर्थिक संकट से निपटने के लिए तुंरत कड़े क़दम उठाए जाने की ज़रूरत है.बराक ओबामा बुधवार सुबह लंदन पहुँचे और वे गुरुवार को जी-20 में हिस्सा लेंगे. अमरीकी राष्ट्रपति ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री से सुबह मुलाक़ात की.

मुलाक़ात के बाद पत्रकार वार्ता में दोनों नेताओं ने कहा कि सम्मेलन के दौरान कई जटिल मुद्दों पर बातचीत होगी और ये आसान नहीं होगा. ओबामा का कहना था कि जी-20 में संरक्षणवाद को नकारे जाने की ज़रूरत है. उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद विश्व में ये सबसे बड़ा आर्थिक संकट है.

फ़्रांस पहले ही ये कह चुका है कि वो किसी समौझते पर हस्ताक्षर नहीं करेगा अगर वित्तीय नियमन को लेकर उसके रुख़ को माना नहीं जाता. जर्मनी ने भी कहा है कि वो जी-20 के वर्तमान मसौदे से ख़ुश नहीं है. सम्मेलन से पहले सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं क्योकि बड़े पैमाने पर प्रदर्शन होने की आशंका है.

राष्ट्रपति बनने के बाद बराक ओबामा की ये पहली यूरोप यात्रा है. वे रूस और चीन के नेताओं से भी मिलेंगे. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस सम्मेलन के ज़रिए ओबामा को अपनी नई जगह स्थापित करने का भी मौका मिलेगा.जी-20 उन देशों का गुट है जो विश्व की 85 फ़ीसदी अर्थव्यवस्था का प्रतिनिधित्व करते हैं.

जी-20 में विश्व के सात बड़े औद्योगिक देश- ब्रिटेन, कनाडा, फ़्रांस, इटली, जापान, जर्मनी और अमरीका शामिल हैं. इसके अलावा भारत, चीन, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, इंडोनेशिया, मेक्सिको, रूस, सउदी अरब, दक्षिण अफ़्रीका, दक्षिण कोरिया और तुर्की भी हैं. यूरोपीय संघ 20वें सदस्य के तौर पर शामिल है.

जी-20 की अध्यक्षता वर्तमान में ब्रिटेन के पास है. इसकी आखिरी बैठक पिछले साल वाशिंटगन में हुई थी.इसका गठन 1999 में एशियाई वित्तीय संकट के दौरान हुआ था ताकि अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर बातचीत की जा सके.

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