वाघमारे लड़ेंगी कसाब का मुकदमा (लीड-2)
वाघमारे ने बुधवार को विशेष न्यायाधीश एम.एल. थहिलयानी को सूचित किया कि वह कसाब का मुकदमा लड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अदालत से कहा, "मैं तैयार हूं और मुकदमे को जारी रखने में मुझे किसी तरह की दिक्कत नहीं है।"
शिवेसना कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद वाघमारे ने मंगलवार को कहा था कि वह इस मुकदमा को लड़ने के फैसले पर पुनर्विचार कर रही हैं।
गौरतलब कि शिवेसना के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने वाघमारे के घर के बाहर सोमवार की रात प्रदर्शन किया था और इस मामले से अलग होने के लिए दबाव बनाया था।
न्यायाधीश तहिलयानी ने राज्य पुलिस को आदेश दिया कि वह वाघमारे को उचित सुरक्षा मुहैया कराए। न्यायाधीश ने इस मामले में एक और वकील के.पी. पवार को नियुक्त किया। न्यायाधीश ने बुधवार को पवार से पूछा कि क्या वह मुकदमा लड़ने के लिए तैयार हैं।
न्यायाधीश ने पवार का विचार जानने के बाद कहा कि कानून के मुताबिक दोनों वकीलों को सहयोग के लिए जूनियर वकील उपलब्ध कराए जाएंगे।
विशेष न्यायाधीश ताहिलियानी ने 30 मार्च को कसाब को महाराष्ट्र लीगल एड की सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्णय लिया था। उसके बाद वाघमारे और पवार को मुकदमे में कसाब के बचाव के लिए नियुक्त किया गया।
वाघमारे ने तब कहा था कि उन्होंने इस संवदेनशील मामले को लेने का फैसला इसलिए किया क्योंकि वह इस मामले की सुनवाई में हो रही देरी से चिंतित हैं। वाघमारे ने कहा था, "मैं बहुत परेशान और चिंतित हूं कि यह मामला इतने लंबे समय से इसलिए रुका हुआ है, क्योंकि आरोपी के पास कोई वकील नहीं है।"
उल्लेखनीय है कि 40 वर्षीय अंजलि वाघमारे के लिए इस मुकदमे को लड़ना दुधारी तलवार भी साबित हो सकती है। क्योंकि वह मुंबई पुलिस के अधिकारी रमेश वाघमारे की पत्नी हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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