जी-20 के सदस्यों के बीच मतभेदों के बावजूद भारत आशान्वित

लंदन, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। दुनिया की बड़ी और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के समूह जी-20 के सदस्य देशों के बीच वैश्विक आर्थिक संकट से निपटने के तरीकों को लेकर मतभेद के बावजूद भारत ने आशा जताई है कि समस्या के तुरंत समाधान की जरूरत मतभेदों को दूर करने में सहायक साबित होंगी।

गुरुवार को होने वाले जी-20 के शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के भाग लेने से पहले भारतीय राजनयिकों ने कहा कि अभी गंभीर मतभेद मौजूद हैं। कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर यूरोप और अमेरिका के साथ साथ विकसित व धनी देशों के बीच मतभेद मौजूद हैं। लेकिन उनका कहना है कि अभी आशा बनी हुई है।

एक अधिकारी ने कहा, "स्पष्ट तौर पर संकट है। लेकिन आर्थिक संकट का समाधान किसी एक देश द्वारा नहीं निकाला जा सकता, इसकी स्वीकारोक्ति से कुछ सार्थक परिणाम निकलने की आशा है।"

जी-20 के सदस्य देशों के बीच जो मतभेद हैं उनमें प्रमुख है अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) को विभिन्न देशों को कर्ज देने के लिए अतिरिक्त कोष उपलब्ध कराने और कैसे वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में सुधार लाया जाए का मुद्दा सबसे ऊपर है। भारत ने हालांकि इस बारे में अपनी रणनीति का खुलासा नहीं किया है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+