वरुण भेजे गए एटा जेल, रासुका लगाने को सर्वोच्च न्यायालय में दी चुनौती (राउंडअप)
वरुण ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत अपनी गिरफ्तारी को बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी। इस बीच भाजपा खुलकर वरुण के बचाव में आ गई है।
वरुण के वकील व पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने प्रधान न्यायाधीश के. जी. बालाकृष्णन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ को बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने वरुण को अवैध ढंग से कैद में रखा है।
पीठ ने रोहतगी को इस मामले पर गुरुवार को सुनवाई का आश्वासन दिया।
रोहतगी ने पीठ को बताया कि वह वरुण को न्यायालय के समक्ष पेश करने के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल करने के लिए प्रयासरत हैं।
उधर, उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा है कि वरुण की जान को कोई खतरा नहीं है। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक विक्रम सिंह ने लखनऊ में संवाददाताओं से साफ किया कि वरुण की जान को किसी भी तरह का खतरा नहीं है। कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए उन्हें एटा जेल स्थानांतरित किया गया है। सिंह ने कहा कि अंडरवर्ल्ड द्वारा वरुण की हत्या की सुपारी दिए जाने संबंधी खबरों में कोई सत्यता नहीं है।
ज्ञात हो कि बुधवार सुबह से इस तरह की खबरें उड़ी कि वरुण अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील के निशाने पर हैं। उसने इसके लिए अपने साथी राशिद मलबारी को जिम्मा सौंपा है।
सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने मलबारी को कर्नाटक के मैंगलोर में गिरफ्तार किया है। बताया जाता है कि मलबारी पीलीभीत जाने की तैयारी कर चुका था लेकिन तभी गुप्तचर ब्यूरो (आईबी) और कर्नाटक अपराध खुफिया ब्यूरो ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद ही उत्तर प्रदेश पुलिस को अलर्ट किया गया।
राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेश (कानून और व्यवस्था) बृजलाल ने इस संबंध में कहा कि राज्य पुलिस को कर्नाटक पुलिस या आईबी की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी गई है।
इस बीच, वरुण से मिलने एटा जेल पहुंची मां मेनका गांधी ने मायावती सरकार द्वारा उनके ऊपर रासुका लगाए जाने को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि मेरे बेटे को अभिमन्यु की तरह चारों तरफ से घेरा जा रहा है। वरुण को एटा जेल स्थानांतरित करने के फैसले को भी उन्होंने अनुचित करार दिया।
मेनका ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनके बेटे वरुण को कुछ हो गया तो इसके लिए मायावती और कांग्रेस को देश को जवाब देना होगा। वरुण मेरा ही नहीं पूरे देश का बेटा है।
वरुण की रिहाई की मांग को लेकर एटा जेल के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा मचाया। हंगामा तब जाकर शांत हुआ जब वरुण द्वारा जेल से भेजे गए लिखित संदेश को पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पढ़कर सुनाया।
बहरहाल, भाजपा अब खुलकर वरुण के समर्थन में आ गई है। पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि पार्टी अपने युवा नेता वरुण गांधी को राजनीतिक और कानूनी दोनों तरीकों से मदद दे रही है। उन्होंने कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) पर वरुण को फंसाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।
राजनाथ ने यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, "वरुण के साथ जो कुछ भी हो रहा है वह दुर्भाग्यजनक है। उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। भाजपा इसकी निंदा करती है।"
वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज ने स्पष्ट किया है कि वरुण गांधी को लेकर पार्टी किसी भी तरह की दुविधा में नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उनके भाषणों से दूरी बनाई है, वरुण से नहीं। निर्वाचन आयोग और उत्तर प्रदेश सरकार के रवैये को लेकर पार्टी वरुण के साथ है।
सुषमा ने कहा कि एक तरफ मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद जैसे लोगों को चुनाव लड़ने की अनुमति दी जाती है वहीं वरुण गांधी को चुनाव लड़ने से रोकने की बात कही जाती है।
उल्लेखनीय है कि सुरक्षा कारणों से वरुण को मंगलवार रात 1.30 बजे पीलीभीत जेल से एटा जेल में स्थानांतरित कर दिया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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