जी-20 की बैठक में भारत और चीन के बीच सहयोग की वकालत
एक उच्चस्तरीय भारतीय सूत्र ने पहचान गुप्त रखने की शर्त कहा, "हमें नहीं लगता कि चीन कड़ा तेवर दिखाएगा। चीन द्वारा टकरावपूर्ण रवैया दिखाए जाने का अंदेशा नहीं है।" इधर, भारतीय मूल के जाने-माने अर्थशास्त्री लार्ड मेघनाद देसाई ने भारत और चीन से आग्रह किया है कि दोनों मुल्क इस वैश्विक मंच पर आपसी एकजुटता दिखाने के इस मौके को हाथ से निकलने नहीं दें।
देसाई ने दोनों देशों से जी-20 की बैठक में एक दूसरे के प्रति सहयोग की भावना दिखाने की अपील की है। बढ़ते वित्तीय संकट के बीच चीन और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। चीन को अमेरिका की मौद्रिक नीति का असर उसके डॉलर नियंत्रित विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ने का खतरा सता रहा है।
चीन के प्रधानमंत्री ने कहा है कि अगर अमेरिका ने बड़े पैमाने पर डॉलर छापना जारी रखा तो उसके विदेशी मुद्रा भंडार पर बुरा असर पड़ेगा। चीन के सेंट्रल बैंक के गवर्नर ने तो डॉलर को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा के दर्जे से वंचित किए जाने का भी सुझाव दे दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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