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इराक़ से ब्रितानी सैनिकी की वापसी शुरु

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इराक़ से ब्रितानी सैनिकी की वापसी शुरु

बाकी बचे ब्रितानी सैनिक 31 मई तक बसरा छोड़ देंगे. बसरा में हुए एक समारोह में ब्रितानी इराकी और अमरीकी सेना के प्रमुखों की मौजूदगी में औपचारिक तौर पर अमरीकी मेजर जनरल माइकैल ओट्स को कमान सौंप दी गई.

इस मौके पर ब्रटिश रौयल मरीन बैंड की धुन बजाई गई, जिसके साथ ही ब्रितानी नौसैना का झंडा नीचे किया गया और 10वीं माउंटेन डिवीज़न का झंडा ऊँचा किया गया.

दोनों मेजर जनरलों ने हाथ मिलाए और एक दूसरे को गले लगाया, और इसके साथ ही इराक़ से चार हज़ार ब्रितानी सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई.

अगर आप बसरा में सद्दाम प्रशासन और आज की स्थितियों को देखें तो यही कहेंगे कि शहर में ऐसी स्थिरता पहले नहीं थी, ऐसी आज़ादी पहले नहीं थी. इराकी सेना पर हमें पूरा भरोसा है. आर्थिक निवेश भी शुरू होने लगा है. देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव हो चुके हैं और अब हम एक इराकियों के लिए सुखद भविष्य की आशा कर सकते हैं मेजर जनरल एंडी सैमन

अगर आप बसरा में सद्दाम प्रशासन और आज की स्थितियों को देखें तो यही कहेंगे कि शहर में ऐसी स्थिरता पहले नहीं थी, ऐसी आज़ादी पहले नहीं थी. इराकी सेना पर हमें पूरा भरोसा है. आर्थिक निवेश भी शुरू होने लगा है. देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव हो चुके हैं और अब हम एक इराकियों के लिए सुखद भविष्य की आशा कर सकते हैं

इराक़ में सबसे वरिष्ठ ब्रिटिश कमांडर मेजर जनरल एंडी सैमन ने कहा कि इराक में ब्रितानी सेना ने आम जनता के जीवन को बेहतर बनाने में बहुत सहयोग दिया.

उन्होंने कहा, "अगर आप बसरा में सद्दाम प्रशासन और आज की स्थितियों को देखें तो यही कहेंगे कि शहर में ऐसी स्थिरता पहले नहीं थी, ऐसी आज़ादी पहले नहीं थी. इराकी सेना पर हमें पूरा भरोसा है. आर्थिक निवेश भी शुरू होने लगा है. देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव हो चुके हैं और अब हम एक इराकियों के लिए सुखद भविष्य की आशा कर सकते हैं."

ब्रितानी भूमिका

दक्षिणी इराक़ में कमान संभालने वाली इस सेना की भूमिका ब्रितानी सैनिकों की भूमिका से कुछ अलग होगी. यानी इराकी पुलिस को प्रशिक्षण देना और दक्षिणी इराक़ और बगदाद को जोड़ने वाले सप्लाई मार्गों की निगरानी करना अमरीकी सेना की ज़िम्मेदारी होगी.

इराकी सेना और बसरा सैन्य मुख्यालय के बीच बातचीत के सूत्र जोड़ते रहे, अमरीकी लेफ्टिनेंट कर्नल एजे जॉन्सन ने कहा कि बसरा में अमरीकी सेना भी यही सुनिश्चित करेगी कि सड़कों पर इराकी सेना औऱ इराकी पुलिस की मौजूदगी ही ज़्यादा रहे.

जनरल जॉन्सन का कहना था कि सेना की कमान की सुपुर्दगी के पीछे मकसद यही है कि आम जनता को लगे कि कुछ बदला नहीं है, यानी वो ये न समझे कि अमरीकी सैनिक कुछ ऐसा करेंगे, जो ब्रितानी सैनिकों के मिशन से अलग होगा.

मेजर जनरल एंडी सैमन ने कहा कि उन्हें इस बात का अफ़सोस नहीं है कि बसरा में इराकी पुलिस का प्रशिक्षण पूरा होने से पहले ही ब्रितीनी सेना की वापसी हो रही है.

उनका कहना था कि जिस तरह के संसाधन उनके पास थे उनका भरपूर इस्तेमाल करके उन्होंने बसरा में अब कमान संभलने वाली 10वीं माउंटेन डिवीज़न को प्रशिक्षित किया है.

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