मेंहदी हसन के स्वास्थ्य के लिए दुआएँ

मेहदी हसन का जन्म झुंझुनु ज़िले के लूना गाँव में हुआ था लेकिन बाद में वे पाकिस्तान चले गए थे.
पिछले कुछ वर्षों से वे हसन बीमार हैं और आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है.
मेहदी हसन का ताल्लुक राजस्थान के मिरासी समुदाय से हैं. इसी समुदाय के माज़िद मदनी कहते हैं, "हम ख़ान साहब के स्वास्थ्य के लिए दुआएँ माँग रहे हैं."
हसन साहब के ख़राब स्वास्थ्य के बारे में सुन कर हमें गहरा दुख हुआ है. वे हमसे इतने दूर हैं कि हम उनके लिए कुछ भी नहीं कर पा रहे हैं एजाज़ नबी, वरिष्ठ वकील
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क़रीब 10 वर्ष पहले मेहदी हसन लूना आए थे. झुंझुनु के एक वरिष्ठ वकील एजाज़ नबी कहते हैं कि जब मेहदी हसन 20 वर्ष के थे तब वे पाकिस्तान चले गए थे.
नबी कहते हैं, "हसन साहब के ख़राब स्वास्थ्य के बारे में सुन कर हमें गहरा दुख हुआ है. वे हमसे इतने दूर हैं कि हम उनके लिए कुछ भी नहीं कर पा रहे हैं."
विरासत में संगीत
मेहदी हसन की पिछली यात्रा को याद करते हुए माज़िद मदनी कहते हैं, "जब वे यहाँ आए थे तो तब वे अपनी माँ के कब्र के बारे में पूछ रहे थे. अपनी माँ की याद में उन्होंने कब्र के पास एक स्मारक बनवाया और वहाँ दुआएँ माँगी."
मदनी कहते हैं, "यदि ख़ान साहब को अपने पैतृक गाँव आने की अनुमति मिलती हैं तो उन्हें ख़ुशी होगी."
लूना के सरपंच कुरदाराम मीणा कहते हैं, "हमें बहुत ख़ुशी होगी यदि हम लोग उनकी सेहत ठीक होने में कुछ मदद कर सकें. ख़ान साहब किसी एक देश के नहीं हैं वे सभी के हैं."
नबी कहते हैं कि अपने गाँव पहुँच कर मेहदी हसन भावुक हो गए थे. वे कहते हैं कि उनके परिवार का कोई भी व्यक्ति अब लूना में नहीं रहता.
राजस्थान के मिरासी सदियों से संगीत में अपनी प्रतिभा के लिए जाने जाते रहे हैं.
मेहदी हसन को संगीत विरासत में मिली. शास्त्रीय संगीत की कई विधाओं ख़्याल, ध्रुपद और ठुमरी में भी उन्हें महारत हासिल है.


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