उप-चुनावों को प्रतिबंधित करे आयोग

Bypolls should be banned by EC
भारत में उप चुनावों पर स्पष्ट तौर पर प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए। जैसा कि सभी जानते हैं आम चुनावों से हटकर उप चुनाव आम तौर पर किसी रिक्त चुनावी क्षेत्र में दोबारा प्रतिनिधि निर्वाचित किए जाने के लिए आयोजित किए जाते हैं। अमेरिका में इसे स्पेशल इलेक्शन के नाम से जाना जाता है।

हमारे राजनेता बिना किसी शर्म के निर्वाचित सीट को छोड़ देते हैं जो कि उन तमाम वोटरों का अपमान है जिन्होंने उन्हें वोट दिया है। दिसंबर 2008 में कर्नाटक में इसलिए उप चुनाव कराने पड़े क्योंकि तमाम कांग्रेसी (ऑपरेशन कमल) पाला बदलकर भाजपा के खेमे में शामिल हो गए। अफवाहें यहां तक उड़ीं प्रति उप चुनाव उम्मीदवारों ने करीब 25 करोड़ रुपये खर्च किए। आधिकारिक रूप से चुनाव आयोग आपको महज 25 लाख रुपये खर्च करने की अनुमति देता है।

देश का अगला आम चुनाव अप्रैल/मई 2009 होने जा रहा है। रिपोर्ट बताती है कि लोकप्रिय निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवारों को कम से कम 50 करोड़ रुपये खर्च करने की आवश्यकता होगी। चुनाव आयोग को उप-चुनाव पर प्रतिबंध लगाते हुए यह सुनिश्चित कर देना चाहिए कि अगर किसी निर्वाचन सीट से उम्मीदवार अपनी सीट छोड़ता है तो रनर अप को विजेता घोषित किया जाना चाहिए। उदाहरण के तौर पर अगर कांग्रेस का विजेता कैंडीडेट सीट छोड़ता है और भाजपा कैंडीडेट रनरअप है तो उसे निर्वाचित घोषित करना चाहिए।

एक साथ कई चुनाव क्षेत्रों से उम्मीदवारों के खड़े होने की अनुमति भी चुनाव आयोग से नहीं मिलनी चाहिए। अगर कोई प्रत्याशी दोनों सीटों से जीत जाता है तो फिर वहां पर उप चुनाव का ही विकल्प बचता है, जिसमें बड़े पैमाने पर सरकारी धन खर्च होता है। यदि चुनाव आयोग इस पर प्रतिबंध नहीं लगा सकता तो दूसरी सीट के रनरअप को विजेता घोषित किया जाना चाहिए। इस नियम के लागू गोने से कई क्षेत्रों से चुनाव खड़े होने वाले उम्मीदवार इस बारे में दोबारा अवश्य सोचेंगे।

हम साफ तौर पर देख रहे हैं कि कई विधायक इस बार के चुनावों में संसंदीय सीट पर चुनाव लड़ने जा रहे हैं (कई जगहों पर इसके उलट भी है), यदि वे जीतते हैं तो वे अपनी विधायकी छोड़ देंगे। बेहतर होगा कि आयोग किसी मौजूदा विधायक को सांसद की सीट के लिए प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति न दे। यदि ऐसा संभव न हो तो उनकी सीट पर रनर अप को ही उम्मीदवारी देनी चाहिए।

भारत में कैबिनेट मंत्री होने के लिए आपका लोक सभा या राज्य सभा का निर्वाचित सदस्य होना अनिवार्य है, मगर अमेरिका में यह इसके उलट है वहां पर एक सीनेट सदस्य यदि कैबिनेट में चुना जाता है तो उसे मौजूदा पद से इस्तीफा देना होगा। हिलेरी क्लिंटन ने जब ओबामा के कैबिनेट के लिए राज्य सचिव पद की शपथ ली तो उनकी सीनेट सीट (न्यूयार्क) की रिक्त हो गई। ऐसी स्थिति में न्यूयॉर्क के गवर्नर, डेविड पैटर्सन ने अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए हिलेरी की जगह दूसरे सदस्य का चयन किया।

यदि यह नियम हम भारत में लागू कर सकें तो जिस राज्य में निर्वाचित सीट रिक्त हो वहां के राज्यपाल को यह अधिकार दिया जाना चाहिए कि वह उस रिक्त सीट के प्रतिनिधि का चयन कर सके।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+