जमानत मिली पर जेल से मुक्त नहीं

उधर रांची में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने वरुण गांधी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाए जाने के उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार के फैसले की कड़ी निंदा की है। इस बीच मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने वरुण गांधी पर रासुका लगाए जाने को उचित ठहराते हुए कहा कि भड़काऊ भाषण देने वालों को कड़ा संदेश दिया जाना बेहद जरूरी है।
पीलीभीत के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) विपिन कुमार ने एक जनसभा में कथित भड़काऊ भाषण देने और इस मामले में शनिवार को वरुण की गिरफ्तारी के बाद भड़की हिंसा के लिए उनके खिलाफ दायर दो मामलों में जमानत दे दी। अदालत ने वरुण को बीस-बीस हजार रुपये के दो निजी मुचलके देने का भी आदेश दिया।
अभियोजन पक्ष ने वरुण पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाए जाने पर जमानत देने का विरोध किया और उन्हें पुलिस रिमांड पर दिए जाने की अपील की थी।
उधर वरुण के वकील धीरेंद्र मिश्रा ने कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी एक षडयंत्र है क्योंकि उन्होंने जनसभा में भाषण पिछले 6 और 7 मार्च को दिया और प्राथमिकी 17 मार्च को दर्ज की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस ने भाषण के तुरन्त बाद कार्रवाई क्यों नहीं की। मिश्रा ने कहा कि इस बात के पूरे सबूत हैं कि पुलिस वरुण को जानबूझ कर फंसाना चाहती है।
इससे पहले सोमवार को वरुण की याचिका पर सुनवाई के मद्देनजर पीलीभीत में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये गये थे। जिलाधिकारी अजय चौहान ने सोमवार को बताया कि यहां हालात काबू में रखने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किए गए।
चौहान ने बताया कि चार कंपनी त्वरित कार्यबल और आठ कंपनी पीएसी के साथ-साथ भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया है। इससे पहले रविवार देर रात, उत्तर प्रदेश सरकार ने वरुण गांधी पर भड़काऊ बयान देने और शनिवार को अपनी गिरफ्तारी के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगा दिया।
वरुण के खिलाफ पिछले 17 मार्च को बरखेडा और कोतवाली थाने में तीन आपराधिक मामले और जन प्रतिनिधि कानून के तहत एक मामला दर्ज किया गया था। वरुण गांधी के पिछले शनिवार को समर्पण के बाद जेल गेट पर हंगामा, पथराव और पुलिस फायरिंग हुई थी।
वहीं वरुण की मां मेनका गांधी ने सोमवार को एक बार फिर वरुण को निर्दोष करार देते हुए कहा कि वह कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राजनीतिक साजिश का शिकार हो रहा है।
उधर झारखंड के सिमडेगा जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए आडवाणी ने कहा, "वरुण के ऊपर राजनीतिक कारणों से रासुका लगाया गया है। यह राजनीति लाभ लेने की कोशिश है। यह पूरी तरह से षडयंत्र है।"
माकपा की पोलित ब्यूरो की सदस्य बृंदा करात ने संवाददाताओं से बातचीत में सोमवार को कहा, "हमारा मानना है कि सख्त संदेश देना आवश्यक है। अल्पसंख्यकों के खिलाफ घृणित भाषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। "
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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