कैंसर कोशिकाओं और विस्फोटकों को सूंघ सकेगी जैविक नाक
तेल अवीव विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ कैमिस्ट्री से संबद्ध जैव आर्गेनिक रासायनशास्त्री डोरोन शाबात की अगुवाई में एक ऐसी प्रौद्योगिकी विकसित की जा रही है जिसका उद्देश्य संकेतों को लाखों और अरबों गुणा बढ़ा कर देखना होगा।
शाबाद ने बताया, "हम एक आणविक प्रणाली विकसित कर रहे हैं जो कुछ खास चीजों का आकार बढ़ा कर सकेगी।"
उन्होंने कहा कि इससे हमें चिकित्सा, सुरक्षा और पर्यावरणीय चुनौतियों से बेहतर ढंग से निपटने में मदद मिलेगी। दरअसल हमारी प्रणाली किसी भी रासायनिक प्रणाली का विस्तार कर सकेगी।
उन्होंने कहा कि इससे चिकित्सकों को प्रोस्टेट कैंसर समेत कई तरह के कैंसर का निदान करने में मदद मिलेगी। यह जल की परिशुद्धता का भी पता लगा सकेगी। इस प्रणाली के जैविक तथा गैर जैविक दोनों ही तरह के एप्लीकेशंस होंेगे।
शाबात का आविष्कार एक आणविक संवेदक है जो एक समाधान की तरह कार्य करता है। यह शोध कैमिकल कम्युनिकेशंस में प्रकाशित हुआ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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