ज़मानत के बावजूद जेल में रहना होगा

सोमवार को दिन भर इस मामले को लेकर ऊहाँपोह की स्थिति बनी हुई थी. अदालत परिसर में सुरक्षा के पुख़्ता इंतजाम किए गए थे.
बीस-बीस हज़ार की जमानत राशि और निजी मुचलके पर उन्हें ज़मानत दी गई है.
हालांकि वरुण गाँधी के वकील अजय कुमार ने कहा कि चूँकि उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगा हुआ है इस वजह से उन्हें अभी जेल में ही रहना पड़ेगा.
पुलिस ने उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया था.
कब लगाया जाता है रासुका जब कोई देश की सुरक्षा के लिए ख़तरा बन जाए सामाजिक सौहार्द और क़ानून व्यवस्था के लिए ख़तरा हो हाईकोर्ट के एक मौजूदा और अवकाश प्राप्त जजों का बोर्ड रासुका लगाने के फ़ैसले पर विचार करता है. यदि बोर्ड फ़ैसले को सही पाता है तो एक साल तक ज़मानत नहीं मिलती
उत्तर प्रदेश के प्रधान सचिव विजयशंकर पांडे ने रविवार को लखनऊ में पत्रकारों को बताया था कि वरुण गाँधी पर राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून लगा दिया गया है.
भाजपा ने राज्य सरकार के इस क़दम पर कड़ी आपत्ति जताई है और कहा है कि वो क़ानूनी रास्ता अपनाएगी.
वरुण गाँधी और उनके समर्थकों के ख़िलाफ़ स्थानीय प्रशासन ने शनिवार की घटना के बाद और आपराधिक मामले दर्ज कराए थे.
वरुण गाँधी और उनके समर्थकों पर हंगामा, बलवा, हत्या का प्रयास, सार्वजनिक संपत्ति को नुक़सान पहुँचाने, धारा 144 और जनप्रतिनिधित्व क़ानून के उल्लंघन का मामला दर्ज कराया गया है.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक भाजपा नेता कलराज मिश्र के ख़िलाफ़ भी धारा 144 के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है.
वरुण गांधी ने मुसलमानों के ख़िलाफ़ कथित भड़काऊ भाषण देने के मामले में शनिवार को पीलीभीत की स्थानीय अदालत में समर्पण कर दिया था.
इस दौरान काफ़ी हिंसा हुई थी जिसमें लगभग 50 लोग घायल हो गए थे जिनमें से कुछ को अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
चुनाव आयोग के निर्देश पर प्रशासन ने वरुण गांधी के ख़िलाफ़ आपराधिक मुक़दमा दर्ज किया था.


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